श्रद्धा तिवारी
Mumbai News: मुंबई के प्रतिष्ठित एस.एल. रहेजा हॉस्पिटल (फोर्टिस एसोसिएट), माहिम ने भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवा के अपने 45 वर्ष पूरे होने के अवसर पर चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ी क्रांतिकारी शुरुआत की है। अस्पताल ने मरीजों को बेहतरीन और सटीक इलाज उपलब्ध कराने के लिए ‘अत्याधुनिक हिस्टोपैथोलॉजी विभाग’ और ‘रोबोटिक ऑर्थोपेडिक सर्जरी सिस्टम’ को शुरू किया है।
इन अत्याधुनिक सुविधाओं का अनावरण एक विशेष कार्यक्रम में हॉस्पिटल की माननीय ट्रस्टी श्रीमती सुमन रहेजा और श्रीमती ज्योति रहेजा की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया। यह कदम बीमारी की जांच से लेकर उसके इलाज तक की पूरी प्रक्रिया को और अधिक सटीक बनाएगा।
कैंसर डायग्नोसिस में नई दिशा: अपग्रेडेड हिस्टोपैथोलॉजी विभाग
स्वर्गीय डॉ. अनीता बोर्जेस द्वारा स्थापित इस विभाग को अब नई तकनीक और आधुनिक उपकरणों के साथ अपग्रेड कर दिया गया है। अपनी उच्च गुणवत्ता के चलते इसे भारत और विदेशों के प्रमुख कैंसर संस्थानों द्वारा ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ का दर्जा प्राप्त है।
विभाग के बड़े कारनामे का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2003 से लेकर अब तक यहां 2.20 लाख से अधिक सैंपल्स की जांच की जा चुकी है। आज यहां सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि बांग्लादेश और नेपाल जैसे देशों से भी ब्रेस्ट, फेफड़े और प्रोस्टेट जैसे जटिल कैंसर की जांच के लिए सैंपल भेजे जाते हैं। नई तकनीक से जुड़ने के बाद अब मरीजों को और भी तेज, सटीक और भरोसेमंद रिपोर्ट मिलेगी, जिससे डॉक्टर सही समय पर सही इलाज शुरू कर सकेंगे।
ऑर्थोपेडिक सर्जरी में ‘रोबोटिक क्रांति’
हड्डियों और जोड़ों के इलाज में एक बड़ी छलांग के तौर पर, अस्पताल ने ‘Velys by Depuy’ रोबोटिक सिस्टम को शुरू किया है। यह रोबोट सर्जरी के दौरान सर्जन के लिए एक ‘स्मार्ट असिस्टेंट’ की तरह काम करता है। यह इम्प्लांट को बिल्कुल सही जगह फिट करने और शरीर के अंगों के सटीक अलाइनमेंट में मदद करता है।
यह तकनीक खासकर उन मरीजों के लिए वरदान साबित होगी, जिनकी घुटने (UKR) या हिप (THR) की रिप्लेसमेंट सर्जरी होनी है। इससे सर्जरी के दौरान शरीर पर कटने (चीर-फाड़) का जोखिम कम होता है और मरीज बहुत कम समय में ठीक होकर अपने पैरों पर खड़ा हो सकता है।
विशेषज्ञों ने साझा किए विचार
इस मौके पर एस. एल. रहेजा हॉस्पिटल के सीईओ डॉ. कुणाल पूनमिया ने कहा कि पिछले 45 वर्षों से बेहतरीन स्वास्थ्य सेवा देने के हमारे सफर में ये दो नई शुरुआत एक मील का पत्थर हैं। हमारा लक्ष्य मरीज की देखभाल के हर स्तर—यानी जांच से लेकर इलाज तक—को बेहतर बनाना है।
विभाग को स्वर्गीय डॉ. अनीता बोर्जेस को समर्पित करते हुए, एचओडी (हिस्टोपैथोलॉजी) डॉ. प्रवीण महाजन ने कहा कि हमारी प्रतिष्ठा सिर्फ तीन चीजों पर टिकी है—सटीकता, ईमानदारी और भरोसा। हमारे लिए हर डायग्नोसिस एक बड़ी जिम्मेदारी है, क्योंकि हर रिपोर्ट के पीछे एक इंसान की जिंदगी जुड़ी होती है।
ऑर्थोपेडिक सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. ललित पांचाल ने रोबोटिक सिस्टम पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह तकनीक सर्जरी की प्लानिंग और उसे अंजाम देने को बेहद आसान और सुरक्षित बनाती है। यह मरीजों को प्राकृतिक परिणाम देती है और उनके रिकवरी के समय को काफी कम करती है।

























