पंजाब में हार्ट अटैक का खतरा और मुख्यमंत्री सेहत योजना

मेडिकल जांच करवाई गई, तो रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि उनकी एक कोरोनरी धमनी पूरी तरह से ब्लॉक हो गई है। डॉक्टरों ने तुरंत एंजियोप्लास्टी कर स्टेंट लगाने की सलाह दी। यहां मुख्यमंत्री सेहत योजना ने मनजीत के लिए मसीहा का रोल अदा किया।

मुख्यमंत्री सेहत योजना बनी संजीवनी, 135 मरीजों को मिला फायदा

HIGHLIGHTS

  • पंजाब में फ्री हार्ट इलाज, 135 लोगों की बची जान
  • 2.71 करोड़ का फ्री इलाज, युवाओं पर बढ़ा हार्ट अटैक
  • सीने में दर्द? पंजाब सरकार दे रही फ्री हार्ट सर्जरी
  • युवाओं को भी हार्ट अटैक, पंजाब में मिलेगा कैशलेस इलाज
  • नहीं होगा इलाज का खर्च, पंजाब में फ्री होगी एंजियोप्लास्टी

Punjab Government Chief Minister’s Health Scheme: भारत में बदलती जीवनशैली और खान-पान के कारण हृदय रोगों का ग्राफ लगातार तेजी से ऊपर उठ रहा है। एक समय था जब यह बीमारी उम्रदराज लोगों को ही अपना शिकार बनाती थी, लेकिन आज का आंकड़ा बेहद चौंकाने वाला है। इस बढ़ते खतरे के बीच पंजाब सरकार द्वारा संचालित ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इस योजना ने दिल के मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित होते हुए 135 लोगों का सफलतापूर्वक कैशलेस इलाज कराया है, जिस पर कुल 2.71 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

जब थकान निकली जानलेवा बीमारी

बता दें कि इस योजना की जमीनी सफलता और असर को समझने के लिए फाजिल्का जिले के रहने वाले 58 वर्षीय मनजीत सिंह की कहानी काफी हद तक प्रेरणादायक है। कुछ समय से मनजीत को सीने में हल्की-हल्की तकलीफ हो रही थी, लेकिन उन्होंने इसे बस एक साधारण सी थकान समझकर अनदेखा कर दिया। लेकिन जैसे-जैसे समय बीता, स्थिति बिगड़ती गई। थोड़ी सी दूर चलने पर ही सांस फूलने लगती थी और सीने में असहनीय दर्द होने लगा।

जब मेडिकल जांच करवाई गई, तो रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि उनकी एक कोरोनरी धमनी पूरी तरह से ब्लॉक हो गई है। डॉक्टरों ने तुरंत एंजियोप्लास्टी कर स्टेंट लगाने की सलाह दी। यहां मुख्यमंत्री सेहत योजना ने मनजीत के लिए मसीहा का रोल अदा किया। कैथेटराइजेशन लैब में तुरंत उनका ऑपरेशन किया गया और बिना किसी पैसे खर्च किए उनके दिल का ब्लॉकेज हटा दिया गया। आज मनजीत पूरी तरह स्वस्थ हैं और अपने परिवार के साथ खुशहाल जीवन जी रहे हैं।

मनजीत का मामला इसलिए भी खास है क्योंकि यह युवाओं के बीच बढ़ते हृदय रोगों की एक झलक पेश करता है। पंजाब स्वास्थ्य एजेंसी (SHA) द्वारा जारी किए गए आंकड़ों से एक डरावनी सच्चाई सामने आई है। इस योजना के तहत कैशलेस हार्ट ट्रीटमेंट लेने वाले लाभार्थियों में सबसे बड़ा हिस्सा 17 से 35 साल के युवाओं का है। यह साफ दिखाता है कि दिल की बीमारियां अब उम्र का इंतजार नहीं करतीं। इंडियन कौंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की रिपोर्ट भी पुष्टि करती है कि पिछले 30 वर्षों में हार्ट अटैक भारत में मौत का सबसे बड़ा कारण बन चुका है।

दय रोग के लक्षणों को कभी न करें इग्नोर

अक्सर लोग हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षणों को गैस या थकान मान लेते हैं, जिसकी वजह से इलाज में देरी हो जाती है। अगर आपको भी ये लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:

  • सीने में लगातार दर्द या भारीपन महसूस होना
  • थोड़ी दूर चलने पर या सीढ़ियां चढ़ने पर तेजी से सांस फूलना
  • असामान्य और लगातार बनी रहने वाली थकान
  • सीने का दर्द बांहों, कंधों, जबड़े या पीठ की तरफ फैलना

आर्थिक संकट के बीच बेहतर इलाज की गारंटी

दिल की बीमारियों के इलाज में सबसे बड़ी बाधा आर्थिक तंगी है। प्राइवेट अस्पतालों में एंजियोप्लास्टी और सर्जरी के लाखों रुपये खर्च हो जाते हैं, जो एक आम आदमी की पहुंच से बाहर होता है। पंजाब सरकार की इस योजना ने अस्पताल के भारी-भरकम बिलों का बोझ पूरी तरह से अपने कंधों पर उठा लिया है। इसका फायदा यह हुआ कि मरीजों को पैसों की चिंता किए बिना सही समय पर बेहतरीन इलाज मिल रहा है।

बता दें कि 15 जुलाई 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के तहत जन्मजात हृदय दोष, हार्ट वाल्व की बीमारियों और अन्य जटिल सर्जरी सहित 135 मरीजों का इलाज सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। इसके अलावा, पंजाब सरकार ने महिला सशक्तिकरण के लिए ‘मुख्यमंत्री मांवां धीयां सत्कार योजना’ के जरिए भी 33 लाख महिलाओं तक स्वास्थ्य सुविधाओं को पहुंचाया है।

विशेषज्ञों ने दी सलाह और जागरूकता की अपील

पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह का मानना है कि दिल की बीमारी एक गंभीर चुनौती जरूर है, लेकिन जागरूकता और सही समय पर इलाज से जान बचाई जा सकती है। उन्होंने साफ कहा, “किसी भी परिवार को आर्थिक तंगी की वजह से अपने इलाज में देरी नहीं करनी चाहिए। हमारी सरकार इस योजना के जरिए यह गारंटी दे रही है कि हर पात्र मरीज को बेहतरीन हार्ट ट्रीटमेंट मिले।”

इसी कड़ी में मोहाली के माय हॉस्पिटल (इंडस नेटवर्क) के वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. करनदीप सिंह सयाल कहते हैं, “जब मरीज को पता होता है कि उसका इलाज कैशलेस होगा, तो उसके अंदर इलाज करवाने का आत्मविश्वास आता है। इससे रिकवरी भी तेज होती है।” उन्होंने लोगों से रोकथाम पर जोर देते हुए कहा कि नियमित व्यायाम, डायबिटीज और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखना और शराब या तंबाकू से दूर रहना हार्ट अटैक के खतरे को 50 प्रतिशत तक कम कर सकता है।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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