पंजाब की सियासत इन दिनों एक बेहद संवेदनशील मुद्दे पर गर्मा गई है। विपक्षी शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी गुरप्रीत कौर पर एक रेप आरोपी को बचाने के एवज में 5 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का गंभीर आरोप साध दिया है। अकाली दल इस मामले में सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं रही, बल्कि राज्य के डीजीपी को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है और राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया से भी मुलाकात कर जांच की मांग उठाई है। वहीं, मुख्यमंत्री की पत्नी ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए आरोप लगाने वालों पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
क्या है पूरा मामला?
मामला एक ऐसे व्यक्ति से जुड़ा है, जिस पर दो अलग-अलग जगहों पर यौन शोषण के आरोप लगे हैं। अकाली दल का कहना है कि इस आरोपी को ऊपर से संरक्षण मिल रहा है और इसके पीछे मुख्यमंत्री के घर की संलिप्तता है। SAD ने यह आरोप खुलकर लगाया है कि मुख्यमंत्री की पत्नी गुरप्रीत कौर ने आरोपी की मदद करने के बदले में पैसे लिए हैं। हालांकि, इस समय तक इन आरोपों की न तैयार कोई आधिकारिक पुष्टि हुई है, न ही कोई एफआईआर दर्ज हुई है, लेकिन इस मुद्दे ने पंजाब की राजनीति में तगड़ा भूचाल खड़ा कर दिया है।
अकाली दल का DGP को पत्र, राज्यपाल से भी मुलाकात
शिरोमणि अकाली दल ने इस मामले में आगे बढ़कर पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) को एक औपचारिक पत्र लिखा है, जिसमें आरोपों की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है। इसी कड़ी में SAD का एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया से भी मिला और उनसे हस्तक्षेप की अपील की।
अकाली दल की महिला विंग ने भी इस मामले को उठाते हुए ऐलान किया है कि वह 5 सितंबर को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेगी। इस घेराव को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं की तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं। इधर, विपक्ष के हमलों के बीच सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी अभी तक इस मुद्दे पर बड़ा सार्वजनिक जवाब देने से बचती दिख रही है।
सुखबीर बादल का बड़ा दावा
राज्यपाल से मुलाकात के बाद SAD अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने प्रेस से बातचीत में कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि गुरी चहल नाम का एक अमेरिकी नागरिक दो लड़कियों के साथ बलात्कार का आरोपी है। उनका दावा है कि इनमें से एक पीड़िता ने मोहाली में, जबकि दूसरी पीड़िता ने अमृतसर में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आगे बताया कि अमृतसर की पीड़िता ने CrPC की धारा 164 के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष अपना बयान भी दर्ज करवाया है।
सुखबीर बादल ने कहा, “यह आरोपी एक सीरियल रेपिस्ट है। मगर जिस वक्त उसने मुख्यमंत्री की पत्नी से संपर्क किया, उसके बाद पुलिस ने दोनों मामलों में उसे क्लीन चिट दे दी और वह जमानत लेकर आजाद घूम रहा है।” उन्होंने जोड़ा कि उनकी पार्टी ने राज्यपाल से इस पूरे मामले की CBI से जांच कराने की मांग की है, ताकि सच सामने आ सके।
‘CM का घर भ्रष्टाचारियों का अड्डा बन गया’
सुखबीर बादल ने सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का आवास अब गलत कामों में लिप्त लोगों के लिए अड्डा बन चुका है। उनका आरोप है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मामले से जुड़े सभी सबूत जुटा लिए थे और पंजाब पुलिस से एफआईआर दर्ज करने को कहा था, लेकिन राज्य पुलिस जानबूझकर एफआईआर दर्ज नहीं कर रही।
उन्होंने सवाल उठाया, “पुलिस को पता है कि अगर मामला दर्ज हुआ, तो इसमें कई और बड़े नामों की मिलीभगत सामने आएगी। इसीलिए फाइल को लटकाया जा रहा है।” बादल ने एक बार फिर इस मामले की सीबीआई जांच की मांग दोहराई।
हरसिमरत कौर ने भी उठाया था मुद्दा
इससे पहले अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने भी इस मुद्दे पर भावुक बयान देते हुए सरकार पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि पंजाब में औरतों के सत्कार की बातें तो की जाती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि यहां सत्कार की जगह बेटियों के साथ अत्याचार हो रहा है और बलात्कारियों को मुख्यमंत्री के घर से संरक्षण मिल रहा है।
हरसिमरत कौर ने कहा था, “इससे बड़ी संगीन बात और क्या हो सकती है कि पंजाब की जिन बेटियों के साथ रेप हुआ, उनके हक में न्याय होना चाहिए था, लेकिन सीएम की पत्नी गुरप्रीत कौर पैसे लेकर आरोपियों को बचा रही हैं। यह पंजाब के हर मां-बाप के लिए चिंता का विषय है। भ्रष्टाचार तो पहले से चल रहा था, अब रेप के आरोपी भी सुरक्षित हो गए हैं। आखिर पीड़ित परिवार न्याय के लिए कहां जाए?”
CM की पत्नी का पलटवार
इन सभी आरोपों के बीच मुख्यमंत्री की पत्नी गुरप्रीत कौर ने पहले ही अपना रुख साफ कर चुकी हैं। उन्होंने इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और राजनीतिक साजिश बताया है। उनका कहना है कि जो लोग उन पर आरोप लगा रहे हैं, उन्हें अपनी बात सबूत के साथ साबित करनी चाहिए, वरना वह अपने सम्मान के लिए कानूनी कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार हैं।


























