कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे पर मंगलवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया। इस दर्दनाक हादसे में उत्तर प्रदेश के छह श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 14 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है।
खड़े ट्रक में घुसी श्रद्धालुओं से भरी पिकअप
जानकारी के अनुसार, यह हादसा मंगलवार तड़के केएमपी एक्सप्रेसवे के पलवल क्षेत्र में हुआ। श्रद्धालुओं से भरी एक पिकअप गाड़ी अचानक सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पिकअप का आगे का हिस्सा पूरी तरह बेधड़क हो गया और ट्रक को भी भारी क्षति पहुंची। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और घायल यात्रियों की दर्दनाक हालत देखकर राहगीरों के रोंगटे खड़े हो गए।
मथुरा-वृंदावन की ओर जा रहे थे श्रद्धालु
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, हादसे का शिकार हुए सभी श्रद्धालु उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के किशनपुर मुरैया, मकोया, चांदा और आसपास के गांवों के निवासी थे। सभी लोग धार्मिक यात्रा पर निकले थे। सोमवार शाम इन श्रद्धालुओं ने राजस्थान के प्रसिद्ध खाटू श्याम मंदिर और सालासर बालाजी मंदिर में दर्शन किए। इसके बाद यह सब मथुरा-वृंदावन जाने के लिए निकले थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी यात्रा दर्दनाक अंत के साथ खत्म हो गई।
राहगीरों की मदद से पुलिस ने निकाले घायल
हादसे की सूचना मिलते ही पलवल पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। मौके पर पहुंची पुलिस के साथ राहगीरों ने भी पूरी मदद की। पुलिस और राहगीरों ने मिलकर घायलों को क्षतिग्रस्त वाहनों में से बाहर निकाला और उन्हें जिला नागरिक अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने छह लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि बाकी 14 घायलों का इलाज जारी है। घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसके चलते कुछ को बड़े अस्पताल में रेफर किए जाने की आशंका भी जताई जा रही है।
मृतकों की पहचान
मृतकों में विजय सिंह, राजकुमार, रेशमा देवी, कमला देवी, सुधा और महेश शामिल हैं। इनके निधन की खबर से उनके गांवों में मातम पसबा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं घायलों की पहचान सुनील, श्वेता यादव, बीरेश, उमेद, विनोद कुमार, सरला, रूबी, रामसेवक, रवि, वाणी, वीनू, तन्नू, रेखा और गोरा देवी के रूप में हुई है। सभी घायलों का अस्पताल में उपचार चल रहा है।
दोनों ड्राइवर हादसे के बाद फरार
इस हादसे में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इतना बड़ा हादसा होने के बाद भी दोनों वाहन चालक वहीं नहीं रुके। ट्रक चालक अपने वाहन को वहीं छोड़कर मौके से फरार हो गया, जबकि पिकअप चालक सुधीर भी हादसे के बाद फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने दोनों चालकों की तलाश शुरू कर दी है। ट्रक को मौके से कब्जे में लेकर उसकी जांच की जा रही है ताकि ट्रक मालिक तक पहुंचा जा सके।
शवों के पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंपे जाएंगे शव
पुलिस ने हादसे में मारे गए सभी छह शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हादसे के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। यह भी तस्दीक किया जा रहा है कि ट्रक सड़क किनारे क्यों खड़ा था और क्या उसके पीछे कोई मैकेनिकल खराबी थी। इसके अलावा पिकअप की स्पीड और चालक की लापरवाही के बारे में भी जांच जारी है।
केएमपी पर हादसों की चर्चा
केएमपी एक्सप्रेसवे पर लगातार हो रहे सड़क हादसों ने एक बार फिर रोड सेफ्टी के सवाल खड़े कर दिए हैं। एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार वाहनों के साथ-साथ सड़क किनारे खड़े ट्रक बड़े हादसों का कारण बनते हैं। हर हादसे के बाद यह सवाल जरूर उठता है कि एक्सप्रेसवे पर खड़े वाहनों पर नियंत्रण क्यों नहीं लगाया जा रहा और चालकों के बीच ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता क्यों नहीं बढ़ रही है। यात्रा करने वाले चालकों को सलाह दी जाती है कि रात या तड़के समय गाड़ी चलाते समय अधिक सतर्कता बरतें और सड़क किनारे खड़े वाहनों से पहले से दूरी बनाए रखें।
जांच में जुटी पुलिस
इस पूरे मामले में पुलिस दोनों फरार चालकों को गिरफ्तार करने में जुटी हुई है। पुलिस को उम्मीद है कि ट्रक के नंबर और अन्य सबूतों के आधार पर जल्द ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। एक तरफ जहां छह परिवारों का अपनों को खोने का गम सता रहा है, वहीं दूसरी तरफ 14 घायलों की जिंदगी अस्पताल की डोर पर टिकी हुई है। इस हादसे ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सड़क सुरक्षा के प्रति एक छोटी सी लापरवाही कितने बड़े राष्ट्रीय हाईवे पर कितनी बड़ी तबाही मचा सकती है।


























