गुरुग्राम से खेल जगत को हिला देने वाली एक दर्दनाक खबर सामने आई है। ककरोला गांव स्थित श्री श्याम क्रिकेट एकेडमी में शुक्रवार दोपहर अचानक चालू हुआ पिच रोलर 8 वर्षीय बालक के ऊपर से गुजर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान आकाश के रूप में हुई है, जो इसी इलाके में रहने वाले एक स्क्रैप व्यापारी का छोटा बेटा था। हादसे से पूरे इलाके में मातम छा गया है।
ग्रिल फांदकर अंदर घुसे थे बच्चे
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ककरोला गांव में चार एकड़ जमीन में फैली इस क्रिकेट एकेडमी को आसपास के इलाके के युवा अभ्यास के लिए इस्तेमाल करते हैं। शुक्रवार दोपहर स्क्रैप व्यापारी रतन के बड़े बेटे नील और छोटे बेटे आकाश समेत कुल चार बच्चे एकेडमी के ग्रिल फांदकर अंदर पहुंच गए। बताया जा रहा है कि ये बच्चे एकेडमी में नामांकित खिलाड़ी नहीं थे और वे सिर्फ खेलने के लिए वहां घुसे थे।
एमसीबी का बटन दबने से चालू हो गया रोलर
एकेडमी के अंदर क्रिकेट पिच और मैदान को समतल करने के लिए इस्तेमाल होने वाला मिनी पिच रोलर बंद अवस्था में खड़ा था और उस पर किसी भी तरह की निगरानी नहीं थी। खेलते-खेलते किसी बच्चे ने अनजाने में मिनीएचर सर्किट ब्रेकर यानी एमसीबी का बटन ऑन कर दिया, जिससे भारी मशीन एकदम चालू हो गई। इसी बीच आकाश संतुलन खोकर रोलर के ठीक सामने गिर पड़ा और चलती हुई मशीन उसके ऊपर से गुजर गई। मासूम की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
एक घंटे तक नहीं चला किसी का ध्यान
हादसे के तुरंत बाद नील समेत बाकी तीनों बच्चे डर के मारे मौके से भाग निकले। करीब एक घंटे बाद नील घर पहुंचा और परिजनों को सिर्फ इतना बताया कि आकाश चोटिल हो गया है। उस वक्त तक परिवार को हादसे की गंभीरता का पता नहीं था।
जब परिजन बच्चे की तलाश में एकेडमी पहुंचे, तभी प्रैक्टिस के लिए आए कुछ अन्य खिलाड़ियों की नजर खून से लथपथ पड़े आकाश पर पड़ी। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत वाहन का इंतजाम कर मासूम को नजदीकी एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे लाते ही मृत घोषित कर दिया। आशंका जताई जा रही है कि किसी की नजर पड़ने से पहले बच्चा कई मिनटों तक वहीं असहाय हालत में पड़ा रहा।
एकेडमी में उस वक्त कोई कोच या स्टाफ मौजूद नहीं
यह सवाल भी उठ रहा है कि जिस समय बच्चे रोलर के आसपास खेल रहे थे, उस वक्त उन्हें रोकने या देखरेख करने वाला एकेडमी में कोई भी कोच या कर्मचारी मौजूद नहीं था। एकेडमी के एक कर्मचारी ने बताया कि ये बच्चे पड़ोस में ही रहते हैं और इनमें से कोई भी प्रशिक्षण लेने नहीं आता। ये ग्रिल कूदकर अंदर घुस जाते हैं। हादसे के समय एकेडमी में कोई नहीं था। रोलर को बंद करके खड़ा किया गया था, जबकि ग्राउंडमैन दोपहर के समय सो रहा था।
खेड़की दौला थाना पुलिस ने मृतक के परिजनों के लिखित बयान के आधार पर इस मामले में इत्तेफाकन मौत के तहत कार्रवाई की है। जांच में जुटे सब-इंस्पेक्टर रणजीत ने बताया कि परिजनों ने एकेडमी प्रशासन या किसी व्यक्ति के खिलाफ लापरवाही या गड़बड़ी का आरोप नहीं लगाया है। परिवार का कहना है कि यह एक इत्तेफाकन दुर्घटना थी और वे किसी पर आरोप लगाना नहीं चाहते। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।

























