Maharashtra Day News: महाराष्ट्र दिवस (1 मई) के गौरवशाली अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक विशेष पत्र लिखकर राज्य की जनता को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। अपने पत्र में प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र को वीरता, सद्गुण, भक्ति और ‘राष्ट्र निर्माण’ का अनूठा संगम बताया है। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि 2047 तक ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने में महाराष्ट्र की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रहने वाली है।
महापुरुषों की विरासत और ऐतिहासिक वर्ष
पत्र में प्रधानमंत्री ने छत्रपति शिवाजी महाराज के स्वराज्य को सुशासन का शाश्वत मार्गदर्शक बताया। साथ ही, डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर, लोकमान्य तिलक, वीर सावरकर, महात्मा फुले और सावित्रीबाई फुले जैसे महान नायकों के योगदान को याद किया। पीएम मोदी ने वर्तमान वर्ष को महाराष्ट्र के लिए बेहद खास करार देते हुए कई ऐतिहासिक अवसरों का जिक्र किया। इनमें पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती, महात्मा फुले की 200वीं जयंती, संत गाडगेबाबा की 150वीं जयंती, महाड के ऐतिहासिक चवदार तालाब सत्याग्रह का शताब्दी वर्ष, बालासाहेब ठाकरे की जन्मशती और आरएसएस (RSS) की स्थापना के 100 वर्ष प्रमुख हैं।
पीएम मोदी की ‘व्यक्तिगत खुशी’ के 3 बड़े कारण
प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में तीन प्रमुख उपलब्धियों को अपनी व्यक्तिगत खुशी का कारण बताया:
- मराठा किले: यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर सूची में 12 मराठा किलों को शामिल किया जाना।
- मराठी भाषा: केंद्र सरकार द्वारा मराठी को ‘अभिजात भाषा’ (Classical Language) का दर्जा देना, जो लंबे समय से लंबित एक बड़ी मांग थी।
- ग्लोबल ट्रिब्यूट: पेरिस स्थित यूनेस्को मुख्यालय में डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण।
निवेश का पसंदीदा गंतव्य और रिकॉर्ड बजट
प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र को देश का सबसे पसंदीदा निवेश गंतव्य करार दिया। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा तैयार किए गए तीन चरणों वाले विजन (2029, 2035 और 2047) की सराहना की। केंद्र के सहयोग का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए महाराष्ट्र को रेलवे परियोजनाओं हेतु 24,000 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड आवंटन किया गया है।
पत्र में शामिल रहीं ये मेगा परियोजनाएं
प्रधानमंत्री ने राज्य में चल रही कई ऐतिहासिक परियोजनाओं का भी विस्तार से जिक्र किया:
- नवी मुंबई एयरपोर्ट: जो मुंबई और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी और तस्वीर बदल देगा।
- वधावन पोर्ट: भारत की समुद्री व्यापारिक महत्वाकांक्षाओं का नया द्वार।
- शक्तिपीठ महामार्ग: जो विकास और संस्कृति का अनूठा मेल है।
- छत्रपति संभाजीनगर (बिडकिन): जो भविष्य का औद्योगिक और नवाचार केंद्र के रूप में उभरेगा।
गढ़चिरौली का कायाकल्प और सहकारी आंदोलन की प्रशंसा
प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष रूप से गढ़चिरौली, अमरावती, धुले और नंदुरबार जैसे सीमांत एवं आदिवासी बहुल क्षेत्रों में हो रहे विकास पर खुशी जताई। उन्होंने नोट किया कि कभी माओवादी हिंसा का गढ़ रहा गढ़चिरौली आज हजारों करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित कर रहा है। कृषि क्षेत्र पर चर्चा करते हुए पीएम ने सूखाग्रस्त क्षेत्रों, विशेषकर मराठवाड़ा में पानी पहुंचाने के लिए फडणवीस सरकार के प्रयासों की सराहना की। इसके साथ ही, उन्होंने महाराष्ट्र के सहकारी नेटवर्क (Cooperative Network) को पूरे देश के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया।
प्रधानमंत्री का यह पत्र महाराष्ट्र दिवस के अवसर पर राज्य की सांस्कृतिक गरिमा और आर्थिक ताकत दोनों को स्वीकार करते हुए केंद्र और राज्य सरकार के मिलकर काम करने के संकल्प को दर्शाता है।
























