फोन हाईजैक स्कैम: 13 रुपये के चक्कर में 25 लाख गंवाए, जानें ‘फोन हाईजैक स्कैम’

APK फाइल डाउनलोड करते ही हो गया फोन हाईजैक (फाइल फोटो)

Mumbai News: देश में साइबर अपराधियों ने लोगों को निशाना बनाने के लिए एक नया और खतरनाक तरीका अपना लिया है। मुंबई से सामने आए एक चौंकाने वाले मामले में, साइबर ठगों ने एक 78 वर्षीय बुजुर्ग महिला को महज 13 रुपये के लालच में फंसाकर उनके बैंक खाते से 25 लाख रुपये साफ कर दिए। यह मामला ‘फोन हाईजैक स्कैम’ का जीता-जागता उदाहरण है, जहां ठगों ने पीड़ित के फोन को हाईजैक करके उसकी पूरी दुनिया बदल दी।

कैसे हुई ठगी की शुरुआत?

पुलिस के अनुसार, घटना मार्च महीने की है, जब पीड़िता केरल के दौरे पर थीं। उन्हें एक अनजान नंबर से कॉल आया, जिसमें कॉलर ने खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बताया। आरोपी ने महिला को बताया कि उनके बिजली कनेक्शन पर नाम अपडेट कराने के लिए महज 13 रुपये की भुगतान राशि जमा करानी होगी। इतनी छोटी रकम के लिए महिला ने सतर्कता नहीं बरती और ठगों के जाल में फंस गईं।

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APK फाइल था जाल और हुआ फोन हाईजैक

भुगतान की प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए साइबर ठगों ने महिला को व्हाट्सएप पर एक लिंक या APK फाइल भेजी और उसे डाउनलोड करने को कहा। ठगों ने इसे KYC (Know Your Customer) प्रक्रिया का हिस्सा बताया। जैसे ही महिला ने वह फाइल डाउनलोड की, उनका फोन ‘हाईजैक’ (चपेट में) हो गया। इसके बाद, बैकग्राउंड में बैठे हैकर्स को महिला के फोन का पूरा एक्सेस (Remote Access) मिल गया।

25 लाख का साफ-सफाट

फोन का नियंत्रण मिलते ही आरोपियों ने महिला को छलपूर्वक उनके क्रेडिट कार्ड और बैंक खाते की डिटेल्स भरने के लिए मजबूर किया। इस दौरान महिला को पता भी नहीं चला कि उनका बड़ा शहर खाली हो रहा है। जब उन्हें बैंक से 25 लाख रुपये कटने का मैसेज मिला, तभी उन्हें असली झटका लगा। 21 मार्च को महिला ने मुंबई पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

साइबर ठगों से बचाव के ये हैं अहम उपाय

पुलिस और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की मानें, तो ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार है। इन बातों का रखें ध्यान:

  1. APK फाइलों से सावधान: कभी भी अनजान नंबर या लिंक से भेजी गई किसी भी APK फाइल को डाउनलोड न करें। यह फाइलें आपके फोन पर मैलवेयर इंस्टॉल कर आपका डेटा चुरा सकती हैं।
  2. OTP को दें नहीं जवाब: बैंक या किसी भी संस्था के अधिकारी कभी भी आपसे OTP या बैंकिंग डिटेल्स फोन पर नहीं मांगते। ऐसी किसी भी मांग को नजरअंदाज करें।
  3. सिम स्वैपिंग का खतरा: अगर आपका फोन अचानक से नेटवर्क खो देता है, तो सतर्क हो जाएं। यह सिम स्वैपिंग का संकेत हो सकता है, जिसके जरिए ठग आपके मोबाइल नंबर पर आने वाले OTP को एक्सेस कर सकते हैं।
  4.  रिएलिटी चेक: किसी भी अनजान कॉल पर आंख बंद करके भरोसा न करें। बिजली विभाग, पुलिस या बैंक से मिलने वाली धमकी या लालच देने वाली कॉल को तुरंत वेरिफाई करें।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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