प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह में भाग लेने के लिए आज शनिवार को दिल्ली मेट्रो का इस्तेमाल किया। यह दौरा न केवल कॉलेज की 100वीं वर्षगांठ मनाने के महत्वपूर्ण अवसर का प्रतीक था, बल्कि सरकार की युवा पीढ़ी और जेन-जी मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति का भी हिस्सा था। पीएम मोदी का यह दौरा खासतौर पर सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच हुआ, जो इस तरह के वीवीआईपी दौरे की गरिमा व सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक थे।
पीएम मोदी का दिल्ली मेट्रो से सफर
शनिवार शाम करीब 6:58 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन पर स्थित विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन पहुंचे। यह मेट्रो स्टेशन दिल्ली विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर के नजदीक है, जहां से कॉलेज पहुंचना आसान है। पीएम मोदी का यह दौरा इसलिए भी खास था क्योंकि उन्होंने पहली बार 2015 में सड़क मार्ग की तुलना में मेट्रो से यात्रा की थी। उस समय, वह धौला कुआं मेट्रो स्टेशन से द्वारका की ओर गए थे, जो उनकी पहली दिल्ली मेट्रो यात्रा थी। उस वक्त उन्होंने सड़क मार्ग पर सुरक्षा के कारण मेट्रो के सफर को चुना था, और अपने अनुभव साझा करते हुए इसे सुविधाजनक और आरामदायक बताया था।
सुरक्षा व्यवस्था का चाक-चौबंद इंतजाम
प्रधानमंत्री के इस दौरे को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने अभूतपूर्व इंतजाम किए। दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने मिलकर एक विस्तृत सुरक्षा योजना बनाई, जिसमें हर संभव सतर्कता बरती गई। येलो लाइन के विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन के आसपास सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए। स्टेशन के सभी प्रवेश और निकास बिंदुओं पर तैनात जवानों ने कड़ी निगरानी रखी। यात्रियों की संख्याओं पर नजर रखने के साथ ही संदिग्ध गतिविधियों पर भी कड़ी नजर डाली गई। इसके अलावा, यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने और रास्तों को सुरक्षित बनाने के लिए सड़क मार्ग पर भी गश्त जारी रही।
यह सुरक्षा व्यवस्था विशेष रूप से इसलिए भी जरूरी थी क्योंकि यह आयोजन कॉलेज के शताब्दी समारोह का हिस्सा था, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र, शिक्षक और अभिभावक शामिल हो रहे थे। सुरक्षा बलों ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सभी एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स पर सघन जांच अभियान चलाया। मेट्रो स्टेशन के आसपास के रास्तों को भी सुरक्षा बलों ने नाकाबंदी कर रखा था, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को रोका जा सके।
मोदी का इतिहास में यात्रा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दिल्ली मेट्रो से यह पहला सफर नहीं है। उनका पहली बार मेट्रो पर सवार होना 25 अप्रैल 2015 को हुआ था, जब वह धौला कुआं मेट्रो स्टेशन से द्वारका की ओर गए थे। यह यात्रा सड़क मार्ग पर सुरक्षा कारणों से की गई थी, ताकि आम लोगों को होने वाली परेशानी से बचा जा सके। उस समय मोदी ने मेट्रो यात्रा का अनुभव साझा करते हुए कहा था कि मेट्रो यात्रा बहुत सुविधाजनक और समय की बचत करने वाली है। उस समय से लेकर अब तक, मोदी अक्सर अपनी यात्रा के दौरान मेट्रो का उपयोग करते आए हैं, जिससे जनता के बीच भी इसकी लोकप्रियता बढ़ी है।
2013 में भी हुई थी मोदी की SRCC यात्रा
बता दें कि नरेंद्र मोदी ने 2013 में गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए भी SRCC का दौरा किया था। उस समय उन्होंने कॉलेज के छात्रों को संबोधित किया था और अपने विचार साझा किए थे। करीब 13 साल बाद, प्रधानमंत्री के रूप में, मोदी का फिर से SRCC पहुंचना कॉलेज के लिए बेहद खास माना जा रहा है। यह अवसर शिक्षक दिवस और कॉलेज के शताब्दी वर्ष के साथ मेल खाता है, जिससे इस कार्यक्रम का महत्व और भी बढ़ गया है।
कॉलेज और देश के लिए यह अवसर
SRCC की शताब्दी मनाना कॉलेज की ऐतिहासिक यात्रा का प्रतीक है, जिसने देश के उच्च शिक्षा क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। इस समारोह में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों के साथ-साथ देश-विदेश से आए अतिथियों का भी मिलना-जुलना हुआ। यह कार्यक्रम नई पीढ़ी को प्रेरित करने और उनके शैक्षणिक व व्यक्तित्व विकास में मदद करने का माध्यम बन रहा है। पीएम मोदी का इस कार्यक्रम में शामिल होना, युवाओं के बीच देशभक्ति और शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने का भी संकेत है।


























