Delhi News: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पूर्वी और उत्तर-पूर्वी जिले पिछले कुछ दिनों से अपराध के गढ़ बनते नज़र आ रहे हैं। दयालपुर, उस्मानपुर और त्रिलोकपुरी जैसे इलाकों में पिछले 96 घंटों के भीतर सामने आई हादसों ने प्रशासन की नींद हरा दी है। इन घटनाओं में चाकू के इस्तेमाल का खतरा इतना व्यापक है कि स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है।
दयालपुर: घात लगाकर किशोर की हत्या
सबसे हालिया और चौंकाने वाला मामला दयालपुर थाना क्षेत्र का है। बीती रात गली नंबर 13 में एक नाबालिग किशोर की निर्मम हत्या कर दी गई। जानकारी के मुताबिक, जब किशोर गली से गुजर रहा था, तभी 2 से 3 संदिग्ध लोगों ने उसे घेर लिया और चाकुओं से वार कर दिया। हमलावर मौके से फरार हो गए। घायल किशोर को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामले में सीसीटीवी फुटेज हासिल किए हैं और आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।
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उस्मानपुर: पार्क में मिला युवक का शव
इससे पहले बुधवार को न्यू उस्मानपुर स्थित एक डीडीए (DDA) पार्क से 17 वर्षीय युवक जैद का शव बरामद हुआ था। ब्रह्मपुरी पुलिया निवासी जैद की हत्या के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं है, हालांकि पुलिस शुरुआती जांच में आपसी रंजिश को संदेह के घेरे में लेकर जांच शुरू कर चुकी है। फॉरेंसिक टीम ने मौके सर साक्ष्य एकत्र किए हैं और पीड़ित के कॉल रिकॉर्ड्स का विश्लेषण किया जा रहा है।
त्रिलोकपुरी: महिला पर जानलेवा हमला, आरोपी गिरफ्तार
पूर्वी दिल्ली के त्रिलोकपुरी इलाके में अपराधियों ने महिलाओं को भी निशाना नहीं बनाया। बुधवार की रात एक पड़ोसी ने घर में घुसकर एक महिला पर चाकू से हमला कर दिया। पुलिस ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी असलम को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता का इलाज जीटीबी अस्पताल में चल रहा है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल, बढ़ता अपराध
पिछले 4 दिनों में हुई इन घटनाओं की साझी विशेषता ‘चाकू’ का इस्तेमाल है, जो इलाके में खतरनाक हथियारों की आसान उपलब्धता और अपराधिक मानसिकता को दर्शाता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि गलियों और मोहल्लों में पुलिस की गश्त कम होने के कारण असामाजिक तत्व निडर हो रहे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी नॉर्थ-ईस्ट ने आश्वासन दिया है कि सभी मामलों की गहन जांच चल रही है। पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए विशेष टीमों का गठन किया है। हालांकि, अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पुलिस प्रशासन कितनी जल्दी इन इलाकों से अपराध का डर खत्म कर पाता है और आमजन को सुरक्षा का एहसास दिला पाता है।



















