संध्या समय न्यूज
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दिल्ली की वर्तमान स्थिति की तुलना ‘गैस चैंबर’ से करते हुए कहा कि वहां का माहौल सांस लेने योग्य नहीं रहा है। वहीं, उन्होंने उत्तर प्रदेश में तेजी से हो रहे विकास के बावजूद पर्यावरण के संतुलन को लेकर राज्य की सराहना की।
गैस चैंबर जैसी स्थिति, सांस लेना मुश्किल: सीएम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के विकास खंड जंगल कौड़िया में पुन:निर्मित विकास अधिकारी कार्यालय के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि आप दिल्ली जाइए, क्या हालत है? ऐसा लगता है कि वहां गैस चैंबर है। हालत खराब है। आप हवा में सांस नहीं ले पाएंगे और आंखों में जलन होगी। उन्होंने आगे कहा कि वहां के डॉक्टर का कहना है कि जिन्हें अस्थमा और दूसरी बीमारियां हैं, बुजुर्ग और बच्चे हैं, उन्हें घर से बाहर निकलना खतरनाक है। क्या यही जिंदगी है?
दिल्ली में ‘Tu Yaa Main’ का धमाकेदार प्रमोशन
विकास और पर्यावरण का संतुलन बताया यूपी की ताकत
अपने भाषण में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पर्यावरण के नुकसान को दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि जब भी पर्यावरण के साथ छेड़छाड़ होगी, ऐसी ही स्थिति पैदा होगी। लेकिन हम खुशकिस्मत हैं कि यहां (यूपी) विकास तो तेजी से हो रहा है, लेकिन दम घुटने वाला माहौल नहीं है। उन्होंने गोरखपुर के माहौल का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां का पर्यावरण कितना अच्छा है, कोई प्रदूषण नहीं है। अगर प्रदूषण नहीं है, तो कोई बीमारी भी नहीं है। प्रदूषण फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है, जो शरीर की ऑक्सीजन आपूर्ति करने वाली मशीन की तरह है। अगर यह खराब हो गई, तो पूरा शरीर खराब हो जाएगा।
अच्छी सड़कें, AIIMS, मेडिकल कॉलेज और फर्टिलाइजर कारखाना…
अब गोरखपुर में सब कुछ है… pic.twitter.com/Hh7YNI0Auz
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) February 14, 2026
दिल्ली का एक्यूआई ‘खराब’ श्रेणी में
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार सुबह नौ बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 214 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। हालांकि, तेज हवाओं के कारण हाल के दिनों में कुछ सुधार देखा गया है और अधिकांश इलाके येलो व ऑरेंज जोन में आए हैं, लेकिन स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। सीएम योगी ने अपने संबोधन के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया कि विकास के नाम पर पर्यावरण के साथ समझौता नहीं किया जा सकता, जैसा कि राष्ट्रीय राजधानी में देखने को मिल रहा है।


























