ऋषी तिवारी
छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बड़ा हंगामा खड़ा हो गया है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता भूपेश बघेल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक सनसनीखेज खुलासा किया है। बघेल ने दावा किया है कि अमित शाह ने उन्हें फोन किया था, जिसके तुरंत बाद उनके ठिकानों पर छापेमारी का दौर शुरू हो गया।
साफ-साफ संकेत था वो फोन: बघेल
भूपेश बघेल ने बताया कि गृह मंत्री ने उनके खिलाफ चल रहे कानूनी मामलों को लेकर उनसे बातचीत की थी। हालांकि, कॉल के दौरान सीधे तौर पर पार्टी में शामिल होने की बात नहीं कही गई, लेकिन उसके तुरंत बाद शुरू हुई कार्रवाई ने स्थिति स्पष्ट कर दी। बघेल ने कहा, “उस कॉल के तुरंत बाद रेड शुरू हो गई। तब मुझे समझ आया कि उस फोन का असली मतलब क्या था। यह एक साफ संकेत था, लेकिन मैं डरने वाला नहीं हूं और बीजेपी में शामिल होने का सवाल ही पैदा नहीं होता।” उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष की भूमिका निभाना और सरकार की खामियां उजागर करना उनका लोकतांत्रिक धर्म है।
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‘वॉशिंग मशीन’ पर लगाया तंज
कांग्रेस नेता ने भाजपा की रणनीति पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आज ईडी जैसी जांच एजेंसियां स्वतंत्र नहीं रहीं, बल्कि विपक्षी नेताओं की आवाज दबाने का हथियार बन गई हैं। बघेल ने कहा, “बीजेपी पहले विपक्षी नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाती है और फिर उन्हें अपनी ‘वॉशिंग मशीन’ में धुलने का ऑफर देती है।” उन्होंने हिमंत बिस्वा सरमा, अजीत पवार और नारायण राणे जैसे नेताओं का नाम लेते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के आरोपों में फंसे लोग भाजपा की शरण में जाते ही साफ-सुथरे हो जाते हैं।
महादेव ऐप पर भी सवाल उठाए
पूर्व मुख्यमंत्री ने महादेव सट्टा ऐप मामले में भी केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरा। उन्होंने कहा, “चुनाव के दौरान मोदी जी ने बड़े-बड़े आरोप लगाए थे, लेकिन आज भी महादेव ऐप के जरिए सट्टा चल रहा है। अब इसका प्रोटेक्शन मनी कौन ले रहा है? क्या पीएम मोदी या मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इसका जवाब देंगे?”
भाजपा ने किया खारिज
इस बीच, भाजपा ने बघेल के इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी का रुख है कि केंद्रीय जांच एजेंसियां अपना काम स्वायत्त तरीके से कर रही हैं और कानून अपना काम करता है। भाजपा ने कहा कि जो लोग भ्रष्टाचार करते हैं, उन्हें ही कानूनी कार्रवाई से डर लगता है। फिलहाल, बघेल के इस बयान ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।

























