उत्तराखंड की सियासत में हल्द्वानी ‘शुद्धिकरण’ का मुद्दा थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा घटनाक्रम के तहत देहरादून के ऐतिहासिक घंटा घर के समीप स्थित पंचायती मंदिर में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और अनुसूचित जाति (एससी) मोर्चा के पदाधिकारियों ने ‘बुद्धि-शुद्धि’ के लिए यज्ञ का आयोजन किया। इस कार्यक्रम की सबसे चर्चित बात यह रही कि यज्ञ स्थल पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तस्वीर रखी गई थी। भाजपा का दावा है कि यह अनुष्ठान राहुल गांधी की ‘बुद्धि की शुद्धि’ के लिए किया गया है।
भाजपा का आरोप
बता दें कि यज्ञ के बाद भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। पार्टी का आरोप है कि वे जानबूझकर समाज में जाति आधारित विभाजन को हवा दे रहे हैं। साथ ही भाजपा ने आरोप लगाया कि 2027 में होने वाले उत्तराखंड विधानसभा चुनावों में सियासी फायदा उठाने के लिए राहुल गांधी झूठे और भ्रामक कथनों का सहारा ले रहे हैं। पार्टी ने इस यज्ञ को एक प्रतीकात्मक पहल बताया, जिसका उद्देश्य विभाजनकारी राजनीति छोड़ने का संदेश देना था।
यज्ञ में शामिल हुए ये प्रमुख नेता
बता दें कि कार्यक्रम में भाजपा के बड़ी संख्या में पदाधिकारी मौजूद रहे। इनमें एससी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष व राज्य मंत्री बलवीर घुनियाल, राज्य मंत्री भगवत प्रसाद मकवाना, एससी मोर्चा के नगर अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार घेयाल और वरिष्ठ भाजपा नेता जयपाल वाल्मीकि शामिल रहे।
इसके अलावा नगर महासचिव आदित्य नैयर, वरिष्ठ नेता राजेश राजोरिया, राज्य सोशल मीडिया सह-संयोजक काजल सूद, पार्षद रेणु देवी, नगर उपाध्यक्ष राजेश कुमार, नगर मीडिया संयोजक शुभम कुमार, नगर कार्यकारी सदस्य दौलत राम मकवाना तथा करणपुर मंडल अध्यक्ष अनीता देवी भी उपस्थित रहे।
जाने क्या है पूरा मामला?
विवाद की शुरुआत 8 अगस्त से मानी जा रही है, जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हल्द्वानी में पार्टी की रैली को संबोधित किया था। रैली के ठीक दो दिन बाद रामलीला मैदान में एक संस्था की ओर से ‘शुद्धिकरण’ यज्ञ किया गया, जिसे लेकर कांग्रेस हमलावर हो उठी। पार्टी ने इस मुद्दे को दलित सम्मान से जोड़ते हुए तीखा विरोध किया और राहुल गांधी आरोपियों पर एफआईआर दर्ज कराने की मांग कर रहे हैं।
चार राज्यों में सड़क पर उतरे कांग्रेस कार्यकर्ता
इससे पहले मंगलवार को कांग्रेस ने उत्तराखंड के अलावा चंडीगढ़, कर्नाटक और दिल्ली में भी विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने शुद्धिकरण विवाद को लेकर भाजपा और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पार्टी इस मुद्दे को देशव्यापी आंदोलन का रूप देने की तैयारी में नजर आ रही है।
पुलिस की गाड़ियों के आगे लेटे जेन-जी युवा
प्रदर्शन में सबसे अधिक चर्चा बटोरी जेन-जी युवाओं की बड़े पैमाने पर मौजूदगी रही। पहली बार इतनी संख्या में पहुंचे युवाओं ने सबको चौंका दिया। जिस समय पुलिस नेताओं को हिरासत में लेकर वाहनों में बिठाकर पुलिस लाइन ले जा रही थी, उसी वक्त युवा गाड़ियों के आगे लेट गए और जोरदार नारेबाजी करने लगे। पुलिस को इन्हें काबू करने में बमुश्किल सफलता मिली। बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों में युवतियों की भी खासी तादाद थी।
हरीश रावत ने मुलाकात को बताया शिष्टाचार भेंट
शुद्धिकरण मुद्दे पर तीखी सियासत के बीच पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात की। हालांकि रावत ने इसे कोई सियासी बैठक न मानते हुए केवल शिष्टाचार भेंट करार दिया है। गौरतलब है कि इससे पहले उन्होंने शुद्धिकरण मामले में केस दर्ज करने और राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज केस वापस लेने की मांग को लेकर रविदास मंदिर में मौन व्रत भी रखा था।
राहुल गांधी पर एफआईआर किसने और क्यों कराई?
राहुल गांधी के खिलाफ हाल ही में दर्ज एफआईआर हल्द्वानी निवासी 26 वर्षीय अमित कुमार की शिकायत के आधार पर 30 अगस्त को अंजाम दी गई। अमित कुमार वाल्मीकि समुदाय से ताल्लुक रखते हैं और श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास संगठन में पदाधिकारी हैं। शिकायत में कहा गया कि राहुल गांधी ने हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस में शुद्धिकरण को जातिगत रंग देने और छुआछूत को लेकर दिए गए बयानों से अनुसूचित जाति समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।
2027 से पहले बन सकता है बड़ा सियासी मुद्दा
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद आने वाले समय में उत्तराखंड की सियासत का अहम मुद्दा बन सकता है। जहां कांग्रेस इसे दलित सम्मान से जोड़कर जनसंपर्क की रणनीति बना रही है, वहीं भाजपा इसे राहुल गांधी की छवि के खिलाफ माहौल बनाने में इस्तेमाल कर रही है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि यह विवाद आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति को और गर्म रखेगा।


























