महंगाई-माफिया सरकार: अखिलेश यादव ने कसा तंज

अखिलेश यादव ने कहा कि देश में एक ही संकट है और वह भाजपा है। यदि भाजपा का सफाया हो जाए तो देश का संकट भी समाप्त हो जाएगा।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पास ‘‘सिर्फ नफरत फैलाने’’ का ही एजेंडा है और वह समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण की विरासत को ‘‘बेचने’’ का काम कर रही है।

अखिलेश यादव ने भाजपा को देश का सबसे बड़ा संकट कहा

HIGHLIGHTS

  • जयप्रकाश नारायण की विरासत को बेचने का आरोप अखिलेश
  • सरकार के खर्च और मीडिया पर पाबंदियों पर सवाल
  • नेपाल बाढ़ राहत में भारत सरकार की भूमिका पर अखिलेश
  • शिक्षा और सवाल पूछने पर भाजपा का डर क्यों?

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखे आरोप लगाते हुए इसे देश के सामने ‘‘सबसे बड़ा संकट’’ करार दिया है। शुक्रवार को अपने पैतृक गांव सैफई पहुंचे अखिलेश यादव ने भाजपा पर नफरत फैलाने और एजेंडा न होने का आरोप लगाया। रक्षाबंधन के अवसर पर अपने गांव पहुंचकर संवाददाताओं से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार की नीतियों और कार्यशैली पर जमकर निशाना साधा।

अखिलेश यादव ने कहा कि देश में एक ही संकट है और वह भाजपा है। यदि भाजपा का सफाया हो जाए तो देश का संकट भी समाप्त हो जाएगा।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पास ‘‘सिर्फ नफरत फैलाने’’ का ही एजेंडा है और वह समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण की विरासत को ‘‘बेचने’’ का काम कर रही है। सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा ने अपने गठन के समय खुद को समाजवादी पार्टी के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश की थी, जिसमें जयप्रकाश नारायण की तस्वीर का इस्तेमाल भी था, लेकिन अब उन्होंने उस विरासत को भी ‘‘बेच’’ दिया है। अखिलेश ने कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘भाजपा को कोई खरीदने को तैयार नहीं है, वरना वह खुद को भी बेच देती।’’

महंगाई और उद्योगपतियों को फायदा देने का आरोप

अखिलेश यादव ने महंगाई के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार आवश्यक वस्तुओं और ईंधन की कीमतें बढ़ाकर उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने का काम कर रही है। चीनी, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मिलावटी पदार्थों को कानूनी तौर पर अनुमति देकर कुछ उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने की रणनीति अपना रही है। उनके अनुसार, सरकार ने मिलावट को कानूनी जामा पहनाकर उद्योगपतियों को मुनाफा कमाने की खुली छूट दी है, जिससे जनता को महंगाई का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि कंपनियों को ऊंची कीमतों पर वस्तुएं बेचने की अनुमति देकर सरकार ने जनता के साथ धोखा किया है। डीजल, पेट्रोल, चीनी और दवाइयों की कीमतें आसमान छू रही हैं, वहीं सरकार की नीतियों के कारण आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही, अखिलेश ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पतालों में दवाइयां ऊंची कीमतों पर बेची जा रही हैं, एम्बुलेंस की व्यवस्था भी ठीक से नहीं है और पुलिसकर्मी भी जनता से पैसे मांगते हैं।

सरकार का खर्च और मीडिया पर पाबंदियां

अखिलेश यादव ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने एक्सप्रेसवे के निर्माण में आवंटित धन का दुरुपयोग किया है और इस पर सवाल खड़ा किया। उन्होंने पूछा कि आखिर क्यों सरकार को इसके लिए जवाबदेह नहीं ठहराया जा रहा है। उनका मानना है कि भारत के स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भी मीडिया पर पाबंदियों में इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद अंग्रेज तो चले गए, लेकिन हम अभी भी स्वतंत्र नहीं हुए हैं। स्कूलों की खराब हालत और पत्रकारों पर लगने वाली पाबंदियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यदि कोई पत्रकार इन खराबियों को दिखाएगा तो उसे जेल की सजा दी जाएगी।

शिक्षा और सवाल पूछने की आजादी

अखिलेश यादव ने भाजपा पर शिक्षा को बढ़ावा न देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शिक्षित लोग सरकार से सवाल करेंगे और बहस के लिए तैयार रहेंगे, इसलिए भाजपा को सवालों से सबसे ज्यादा डर लगता है। उन्होंने कहा कि जो सरकार सवालों से डरती है, वह लोकतंत्र को दबाएगी और बाबासाहेब आंबेडकर के सिद्धांतों को कमजोर करेगी। इसके अलावा, उन्होंने किसानों के मुद्दे पर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने समय पर खाद और बीज उपलब्ध नहीं कराए, जिससे कृषि संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने सवाल किया कि पहले बोरी से खाद चोरी हो जाती थी, अब पूरी बोरी ही चोरी हो रही है, इसके जिम्मेदार कौन हैं?

नेपाल बाढ़ आपदा पर चिंता

अखिलेश यादव ने नेपाल में आई बाढ़ की आपदा पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने भारत सरकार से अपील की कि वह नेपाल को हर संभव मदद प्रदान करे। उनका मानना है कि प्राकृतिक आपदाओं से निपटना जरूरी है और सरकार का कर्तव्य है कि वह अपने पड़ोसी देशों की मदद करे।

अखिलेश यादव का मानना है कि वर्तमान सरकार की नीतियों और कार्यशैली से देश को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जनता को जागरूक होने की जरूरत है और सरकार के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए ताकि देश की राजनीति और व्यवस्था में सुधार हो सके। उनका यह भी कहना है कि जनता को शिक्षित और जागरूक बनाकर ही देश में सकारात्मक बदलाव संभव है।

यह रिपोर्ट अखिलेश यादव के ताजा बयानों और आरोपों का संक्षिप्त अवलोकन है, जो उन्होंने अपने गांव सैफई में रक्षाबंधन के अवसर पर व्यक्त किए। उनका यह भाषण राजनीतिक स्तर पर काफी चर्चा में है और विपक्षी दलों के बीच भी इसकी गूंज सुनाई दे रही है। पूरा देश राजनीतिक अस्थिरता और महंगाई जैसी समस्याओं से जूझ रहा है, और अखिलेश यादव का यह बयान इन मुद्दों को नए सिरे से उजागर करता है।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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