संध्या समय न्यूज
देश की सबसे अमीर नगर निगम, बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) में एक नया राजनीतिक दौर शुरू हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की कॉर्पोरेटर रितु तावड़े को मुंबई का नया मेयर निर्विरोध चुना गया है। पिछले चार दशकों में यह पहली बार है जब मुंबई का सबसे बड़ा शहरी पद भाजपा के पास गया है। इसी के साथ ठाकरे परिवार का बीएमसी पर 25 साल पुराना दबदबा भी खत्म हो गया है।
महायुति गठबंधन की ओर से एकनाथ शिंदे की शिवसेना के संजय घाड़ी को उपमहापौर का पद मिला है। दिलचस्प बात यह रही कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) ने चुनाव में कोई उम्मीदवार खड़ा नहीं किया, जिससे रितु तावड़े की जीत आसान हो गई और एशिया की सबसे अमीर नागरिक संस्था पर उनका कब्जा जम गया।
जमीनी अनुभव वाली नेता
53 वर्षीय रितु तावड़े घाटकोपर पश्चिम से लगातार तीन बार कॉर्पोरेट चुनी गई हैं। नागरिक प्रशासन और जन कल्याण में उनका एक दशक से अधिक का अनुभव रहा है। भाजपा के नेतृत्व में उन्हें अपनी ‘हैंड्स-ऑन’ कार्यशैली और सामुदायिक संबंधों के लिए जाना जाता है। इससे पहले उन्होंने बीएमसी में शिक्षा समिति की अध्यक्ष और सुधार समिति की उपाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुकी हैं।

राजनीतिक सफर का आगाज
वार्ड स्तर से अपनी राजनीतिक पारी शुरू करने वाली तावड़े पार्टी संगठन में भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में रह चुकी हैं। वह महिला मोर्चा की पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष और मुंबई के पूर्वी उपनगरों की जिला अध्यक्ष रह चुकी हैं। इसके अलावा, वह ‘महिला आर्थिक विकास महामंडल’ की निदेशक के रूप में भी काम कर चुकी हैं और खादी एवं ग्रामोद्योग के क्षेत्र में कौशल विकास कार्यक्रमों से जुड़ी रही हैं।
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समीकरणों में महायुति की बादशाहत
227 सदस्यीय बीएमसी में भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि उसकी सहयोगी एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने 29 सीटें जीती हैं। 118 पार्षदों की ताकत के साथ महायुति गठबंधन ने मेयर पद पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। वहीं, 1997 से बीएमसी पर राज करने वाली शिवसेना (यूबीटी) इस बार महज 65 सीटों तक सिमट गई। उनके गठबंधन सहयोगी मनसे (MNS) को छह और राकांपा (शरद पवार) को एक सीट मिली है।
विपक्ष का पलटवार
इस ऐतिहासिक जीत पर विपक्ष ने भी चुप्पी नहीं रखी। शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा को मुंबई में मराठी लोगों और मनसे के दबाव के चलते एक “मराठी मेयर” चुनने के लिए मजबूर होना पड़ा। राउत ने यह भी दावा किया कि तावड़े का राजनीतिक ग्राउंड मूल रूप से कांग्रेस से जुड़ा है।गौरतलब है कि बीएमसी का बजट 74,450 करोड़ रुपये (वर्ष 2025-26) है, जो इसे देश की सबसे अमीर नगर निकाय बनाता है।




















