संध्या समय न्यूज
राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित AI समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के हंगामे को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। शुक्रवार को हुए इस प्रदर्शन के बाद भाजपा ने कांग्रेस के खिलाफ पूरे देश में मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को भाजपा ने दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, जिसके दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने पुलिस बैरिकेड तोड़ दीं।
दिल्ली में भारी बवाल, भाजपा कार्यकर्ताओं ने तोड़ी बैरिकेड
भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय के बाहर ‘देशद्रोही राहुल गांधी माफी मांगे’ के पोस्टर और नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली पुलिस ने अकबर रोड पर दो लेयर की बैरिकेडिंग कर रास्ता बंद कर दिया था। हालांकि, गुस्साए कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड को तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की। पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। इस विरोध प्रदर्शन में दिल्ली भाजपा अध्यक्ष विनोद सचदेवा और सांसद मनोज तिवारी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
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मनोज तिवारी का बड़ा आरोप- ‘कांग्रेस ने किया देशद्रोह’
प्रदर्शन के दौरान भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस के शुक्रवार के प्रदर्शन को ‘देशद्रोह’ बताया। उन्होंने कहा कि AI शिखर सम्मेलन में 80 से अधिक देशों के प्रतिनिधि आए थे और सभी ने भारत के प्रयासों की खुलकर सराहना की। कांग्रेस ने किराये के गुंडों को लाकर AI समिट को बदनाम करने का प्रयास किया। उन्होंने भारत के गौरव को खटके में डाला। देश की जनता इस देश विरोधी कृत्य के लिए कांग्रेस को माफ नहीं करेगी और जवाब देगी।
क्या थी वजह? (AI समिट में हंगामा)
विवाद की शुरुआत शुक्रवार (20 फरवरी) को हुई, जब यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भारत मंडपम में AI समिट 2026 के दौरान भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। कार्यकर्ताओं ने टी-शर्ट उतारकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ‘PM is Compromised’ (पीएम कम्प्रोमाइज्ड) के नारे लगाए थे। इस घटना के बाद से ही राजनीतिक तापमान बढ़ गया था।
कोर्ट में पेश हुए यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता
AI समिट में प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए चार यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस ने शनिवार को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया। इनकी पहचान यूथ कांग्रेस के सेक्रेटरी कृष्णा हरि, बिहार स्टेट सेक्रेटरी कुंदन यादव, उत्तर प्रदेश स्टेट वाइस प्रसिडेंट अजय कुमार और नेशनल कोऑर्डिनेटर नरसिम्हा यादव के रूप में हुई है।
बचाव पक्ष के वकील ने अदालत में तर्क दिया कि यह एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन था और कार्यकर्ताओं ने किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया है। उन्होंने संविधान के तहत ‘विरोध करने के अधिकार’ (Right to Protest) का हवाला देते हुए कार्यकर्ताओं के लिए रिहाई की मांग की।




















