बंगाल चुनाव 2026: TMC और कांग्रेस के 3 दिग्गजों ने थामा भाजपा का दामन!

कांग्रेस के एकमात्र पार्षद रहे संतोष पाठक भाजपा में शामिल हुए

Bengal Election 2026 : पश्चिम बंगाल की सियासत में 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले ‘दलबदल’ की राजनीति अपने चरम पर है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के किले को लगातार झटके लग रहे हैं और भाजपा (BJP) ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) और कांग्रेस के तीन दिग्गज नेताओं को अपने पाले में कर लिया है। यह दलबदल न केवल राजनीतिक समीकरणों को बदलने वाली है, बल्कि यह संकेत भी दे रही है कि इस बार बंगाल की जंग बेहद दिलचस्प और कड़ी होने वाली है।

उत्तर बंगाल में भाजपा (BJP) की बड़ी सफलता

उत्तर बंगाल की राजनीति में भाजपा ने बड़़ी रणनीति के साथ अपनी पकड़ मजबूत की है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक और मेखलीगंज के प्रभावशाली नेता अर्घ्य रॉय प्रधान ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार और विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी की उपस्थिति में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) को ‘भ्रष्ट पार्टी’ बताते हुए कहा कि वे अब ऐसी पार्टी के साथ नहीं खड़े रह सकते। उनके पिता अमर रॉय प्रधान कूचबिहार से आठ बार सांसद रह चुके हैं, जिससे इस दलबदल का असर गहरा माना जा रहा है।

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इसी कड़ी में प्रमुख राजबंशी नेता बंशी बदन बर्मन ने भी भाजपा का दामन थाम लिया है। उत्तर बंगाल में राजबंशी समुदाय का वोट बैंक निर्णायक माना जाता है और बर्मन के आने से भाजपा को इस क्षेत्र में बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। उन्होंने राजबंशी भाषा को मान्यता देने और समुदाय के अधिकारों की रक्षा की मांग रखी है।

कोलकाता में कांग्रेस का सफाया, तृणमूल कांग्रेस (TMC) को चुनौती

महानगर कोलकाता में भी भाजपा ने शानदार प्रदर्शन किया है। कांग्रेस के दशकों पुराने चेहरे और वार्ड नंबर 45 के पार्षद संतोष पाठक ने भाजपा में शामिल होकर सबको हैरान कर दिया है। कोलकाता नगर निगम में कांग्रेस के एकमात्र पार्षद रहे संतोष पाठक का भाजपा में जाना ‘चौरंगी’ विधानसभा सीट के समीकरणों को पूरी तरह बदल सकता है। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर 2021 के चुनावों में प्रशासनिक दुरुपयोग और बूथ कैप्चरिंग का गंभीर आरोप लगाया है।

भाजपा की रणनीति और आगे का रास्ता

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा का कोलकाता दौरा इन दलबदलों के बीच काफी अहम माना जा रहा है। पार्टी सांगठनिक ढांचे की समीक्षा कर रही है और 2026 के लिए ठोस रणनीति तैयार कर रही है। स्पष्ट है कि भाजपा अब शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में अपनी पैठ मजबूत करने के लिए प्रभावशाली चेहरों को अपनी तरफ आकर्षित कर रही है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ये दलबदल सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए बड़ी चुनौती पेश कर सकते हैं और 2026 का चुनाव ममता बनर्जी के लिए आसान नहीं होगा।

Rishi Tiwari

ऋषी तिवारी (Rishi Tiwari) वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली एनसीआर में एपीएनएस न्यूज ऐजेंसी लंबे समय तक सेवाएं देने के पश्चात सेवानिवृत्त हुए। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ अपनी नई पत्रकारिता पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षो से से जुड़े रहकर निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ा रहे हैं।

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