UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘रामनगरी’ अयोध्या के समग्र विकास को लेकर बड़े फैसले लिए गए हैं। कैबिनेट ने जनपद अयोध्या में एक आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण के लिए भूमि हस्तांतरण के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह परियोजना ‘मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना’ के तहत क्रियान्वित की जाएगी।
2500 वर्गमीटर भूमि का होगा हस्तांतरण
प्रस्ताव के अनुसार, अयोध्या के चक नंबर-4, मोहल्ला वशिष्ठ कुंड, परगना हवेली अवध, तहसील सदर में स्थित नजूल भूमि के सात गाटा नंबरों (1026, 1027, 1029, 1030, 1031, 1033 मि. और 1035) को अयोध्या म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के पक्ष में हस्तांतरित किया जाएगा। कुल लगभग 2500 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाली इस भूमि को नगर निगम अयोध्या को निःशुल्क आवंटित किया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह भूमि हस्तांतरण अपवाद स्वरूप किया जा रहा है और इसे भविष्य में उदाहरण के रूप में नहीं माना जाएगा।
युवाओं को मिलेगी आधुनिक सुविधाएं
सरकार का उद्देश्य इस भूमि पर आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण कर खेल सुविधाओं को बढ़ावा देना और स्थानीय युवाओं को बेहतर खेल अवसंरचना उपलब्ध कराना है। जिलाधिकारी अयोध्या द्वारा नगर आयुक्त के अनुरोध पर भेजे गए इस प्रस्ताव को कैबिनेट के निर्णय के बाद अंतिम रूप दिया गया है।
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अयोध्या के कायाकल्प के लिए 250 करोड़ रुपये का बजट
स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के अलावा, योगी सरकार ने अयोध्या के कायाकल्प और सौंदर्यीकरण के लिए 250 करोड़ रुपये का नया बजट भी पास किया है। इस बजट का मुख्य उद्देश्य अयोध्या को भव्य बनाने के साथ-साथ यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार करना है। इस राशि को दो हिस्सों में बांटा गया है:
- 150 करोड़ रुपये: ‘श्री अयोध्या जी तीर्थ क्षेत्र विकास परिषद’ को आवंटित किए जाएंगे, जिनका उपयोग तीर्थ यात्रियों की सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर होगा।
- 100 करोड़ रुपये: शहर के अन्य विकास कार्यों और सौंदर्यीकरण पर खर्च किए जाएंगे।
अब ‘अनसुने’ धार्मिक स्थलों पर भी होगा फोकस
राम मंदिर के निर्माण के बाद अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या में विस्फोटक वृद्धि हुई है। इसे देखते हुए सरकार अब उन 8 धार्मिक स्थलों को विकसित करने की रणनीति पर काम कर रही है, जो अभी तक प्रमुख पर्यटन मानचित्र में नहीं थे। इस पहल के तीन प्रमुख उद्देश्य हैं:
- भीड़ का प्रबंधन: मुख्य मंदिर के अतिरिक्त अन्य ऐतिहासिक स्थलों पर भी श्रद्धालुओं को आकर्षित करके भीड़ को संतुलित करना।
- ऐतिहासिक विरासत को पहचान दिलाना: अयोध्या के उन महत्वपूर्ण लेकिन कम चर्चित स्थलों को दुनिया के सामने लाना।
- बेहतर अनुभव: श्रद्धालुओं को घूमने-फिरने के लिए अधिक विकल्प मुहैया कराना, ताकि उनकी अयोध्या यात्रा और समृद्ध हो सके।



















