Punjab: News: पंजाब की राजनीति में आप पार्टी (AAP) छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले राज्यसभा सांसदों के खिलाफ गुस्सा अब सड़कों पर उतरकर साफ नजर आ रहा है। भाजपा में शामिल हुए पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह के आवास पर काले रंग से ‘पंजाब का गद्दार’ लिख दिया गया, जबकि आप पार्टी (AAP) कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांधकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस बीच, पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पार्टी छोड़कर जाने वाले नेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें ‘गद्दार’ करार दिया है।
हरभजन सिंह के घर पर काली पेंट से लिखा ‘गद्दार’
हरभजन सिंह के आवास के बाहर के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। वीडियो में कुछ लोग काले रंग के स्प्रे पेंट से दीवार पर ‘पंजाब का गद्दार’ लिखते हुए नजर आ रहे हैं। हालांकि, इस पूरी घटना के दौरान मौके पर पुलिस बल मौजूद था, लेकिन पुलिसकर्मियों को कार्यकर्ताओं को रोकने या हस्तक्षेप करते हुए नहीं देखा गया। आप पार्टी (AAP) कार्यकर्ताओं ने इस दौरान काली पट्टी बांधकर नारेबाजी की।
सीएम मान ने कहा- जनता के साथ किया विश्वासघात
चंडीगढ़ में आयोजित एक प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने न केवल आप पार्टी (AAP), बल्कि पंजाब की जनता के विश्वास के साथ भी विश्वासघात किया है। मान ने कहा कि इन नेताओं को बिना जनता के बीच जाने, बिना हाथ जोड़कर वोट मांगे सीधे बड़े पद मिल गए, लेकिन सब कुछ तैयार मिलने के बाद उन्होंने निजी स्वार्थ के लिए रास्ता बदल लिया।
मान ने तंज कसते हुए कहा कि विज्ञान ने बहुत प्रगति कर ली है, लेकिन अब तक ऐसी कोई मशीन नहीं बनी जो नेताओं के मन की बात पढ़ सके। उन्होंने बिना नाम लिए राघव चड्ढा पर निशाना साधते हुए कहा कि जो नेता आज पार्टी में घुटन महसूस कर रहे हैं, वे लंबे समय तक सत्ता का लाभ उठाते रहे, लेकिन अपनी कुर्सी के लिए उन्होंने जनता को धोखा दिया।
भाजपा पर लगाया ‘दलबदल’ का आरोप
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब में भाजपा की राजनीतिक जमीन नहीं है, इसलिए वह डर, लालच और दबाव की रणनीति अपनाकर आप पार्टी (AAP) को तोड़ने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा एक ‘बंदे खानी पार्टी’ है। जिस दल से वह गठबंधन करती है, अंततः उसी को निगल जाती है।
मान ने आरोप लगाया कि भाजपा का देशभर में यही तरीका रहा है। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी, महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे और शरद पवार के दल को इसी तरह निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास भरोसेमंद नेतृत्व नहीं है, इसलिए वह दूसरों की पार्टियां तोड़ने में लगी रहती है।
किसान आंदोलन और ‘बेअदबी’ कानून को बताई वजह
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भाजपा की बेचैनी की वजह भी बताई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कृषि कानूनों को लेकर पीछे हटना पड़ा, जिसके बाद से भाजपा पंजाब से नाराज है। इसके अलावा पंजाब में ‘बेअदबी’ (धर्म अपमान) के खिलाफ सख्त कानून लागू होने के बाद से भाजपा की परेशानी बढ़ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब से पंजाब में आप पार्टी (AAP) की सरकार आई है, केंद्र ने राज्य के ग्रामीण विकास के लिए मिलने वाली राशि तक रोक लगा दी है।
‘6-7 लोगों के जाने से पंजाब नहीं बदलता’
पार्टी छोड़ने वाले नेताओं को लेकर मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी किसी व्यक्ति विशेष से बड़ी है। “छह-सात लोगों के जाने से पंजाब नहीं बदलता। पंजाब की जनता आज भी हमारे साथ खड़ी है और गद्दारी करने वालों को इतिहास कभी माफ नहीं करेगा।” गौरतलब है कि पंजाब में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में राज्यसभा सांसदों के पार्टी छोड़कर जाने के बाद से शुरू हुआ यह राजनीतिक संघर्ष और तेज होता दिख रहा है।


























