Noida News : आईएमएस नोएडा के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा मीडिया के बदलते परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए नोएडा सेक्टर 62 में एक दो दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (आईआईएमसी), दिल्ली के वरिष्ठ प्रोफेसर रहे, जिन्होंने पत्रकारिता के छात्रों को भविष्य में मीडिया क्षेत्र में हो रहे बदलावों और नए कौशल को अपनाने के प्रति जागरूक किया।
पहले दिन: सॉल्यूशन जर्नलिज्म और बदलाव की समझ
कार्यशाला के पहले दिन आईआईएमसी के स्ट्रेटेजिक कम्युनिकेशन विभाग के विभाग अध्यक्ष प्रोफेसर प्रमोद कुमार ने सत्र को संबोधित किया। उन्होंने छात्रों को वर्तमान समय में पत्रकारिता के क्षेत्र में हो रहे तेजी से बदलाव के प्रति जागरूक किया। प्रोफेसर कुमार ने ‘बदलाव आधारित पत्रकारिता’ (Solution Journalism) के महत्व पर जोर देते हुए छात्रों को केवल समस्याओं को उठाने के बजाय समाधान पर केंद्रित पत्रकारिता करने के लिए प्रेरित किया।
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दूसरे दिन: AI का प्रभाव और करियर की नई संभावनाएं
दूसरे दिन के सत्र में आईआईएमसी के पूर्व प्रोफेसर एवं उत्तराखंड सरकार के मीडिया सलाहकार प्रोफेसर गोविंद सिंह ने छात्रों के साथ अपने विचार साझा किए। उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में तकनीकी बदलावों पर विस्तार से चर्चा की और छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विभिन्न प्रकार के टूल्स को सीखने की सलाह दी। प्रोफेसर सिंह ने छात्रों को पत्रकारिता के साथ-साथ पॉलिटिकल कम्युनिकेशन और जनसंपर्क (PR) के क्षेत्र में करियर की अपार संभावनाओं को तलाशने के लिए भी प्रेरित किया।
डॉ. सचिन बत्रा ने कहा- AI के जरूरी टूल्स पर करना होगा काम
इस अवसर पर पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर (डॉ.) सचिन बत्रा ने बताया कि वर्तमान समय में मीडिया के क्षेत्र में तकनीकी रूप से तेजी से परिवर्तन हो रहा है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आगमन के बाद खबरों के लेखन, संपादन के साथ ही ग्राफिक्स और एनीमेशन की दुनिया में क्रांतिकारी बदलाव आया है। ऐसे में पत्रकारिता के छात्रों को अब AI के जरूरी सॉफ्टवेयर और टूल्स पर विशेष रूप से कार्य करना होगा।
























