महाराष्ट्र: जितेंद्र आव्हाड का विधानसभा में सनसनीखेज दावा

CM फडणवीस को हटाने के लिए 38 विधायकों ने करवाई

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र विधानसभा में एक ऐसा दावा सामने आया है जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। शरद पवार गुट (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी) के वरिष्ठ नेता और विधायक जितेंद्र आव्हाड ने एक बेहद चौंकाने वाला आरोप लगाते हुए दावा किया है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सत्ता से हटाने के लिए राज्य के कुछ विधायकों ने ‘काला जादू’ और ‘अघोरी पूजा’ का सहारा लिया था।

क्या है पूरा मामला?

विधानसभा में बोलते हुए आव्हाड ने आरोप लगाया कि ‘अशोक खरात’ नामक एक व्यक्ति ने कई राजनेताओं को यह आश्वासन दिया था कि वह अपने तांत्रिक उपायों से CM फडणवीस को गद्दी से हटा सकता है। आव्हाड का दावा है कि इस विश्वास में राज्य के लगभग 38 विधायक खरात के पास गए और अघोरी अनुष्ठानों के तहत उन्होंने अपनी उंगलियां तक काट दी थीं। उन्होंने कहा कि उन 38 विधायकों के पास मेरे पास सूची है। अशोक खरात ने उनसे कहा था कि ‘मुझे थोड़ा समय दीजिए, मुख्यमंत्री जल्द ही घर पर होंगे।’ इसके लिए विधायकों ने उसके निर्देश पर अपनी उंगलियां काटीं।

2007 के पत्रकार हत्याकांड का किया जिक्र

आव्हाड ने मामले को और गंभीर बनाते हुए अशोक खरात पर 2007 के पुराने पत्रकार बालू तुपे हत्याकांड से जोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नासिक में हुई इस हत्या का मकसद खरात को बचाना था। उस समय यह मामला काफी चर्चित था। आव्हाड ने आरोप लगाया कि पुलिस को इस पूरे मामले की जानकारी थी, लेकिन आरोपियों को बचाने के लिए बड़े स्तर पर लेन-देन किया गया और कुछ वरिष्ठ अधिकारी भी खरात के सामने झुक गए।

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‘CM को 6 महीने पहले थी जानकारी’

सबसे चौंकाने वाला दावा आव्हाड ने यह किया कि इस पूरी साजिश और तांत्रिक गतिविधियों की जानकारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लगभग छह महीने पहले मिल चुकी थी। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर अशोक खरात इतना प्रभावशाली कैसे हो गया कि उसके लिए सरकारी खजाने से सड़कें और सुविधाएं बनाई जा रही हैं? क्या राज्य में ऐसी प्रथाओं को सरकारी मान्यता दी जा रही है?

पोस्टिंग और सत्ता में हस्तक्षेप

आव्हाड ने आरोप लगाया कि खरात का प्रभाव सिर्फ राजनेताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा विभाग, म्हाडा और एसआरए (SRA) जैसे महत्वपूर्ण विभागों में अधिकारियों की तैनातियां भी उसके जरिए प्रभावित हो रही हैं।

विधानसभा में उंगलियों की जांच

अपने भाषण के दौरान आव्हाड ने एक अजीबोगरीब माहौल का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि हाल ही में विधान भवन में विधायक एक-दूसरे की उंगलियां देखकर यह पूछ रहे थे कि क्या वे अशोक खरात के पास गए थे। उन्होंने सरकार से सवाल पूछा कि जब इतना सब कुछ सामने आ चुका है, तो खरात के ट्रस्ट से जुड़े लोगों को अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? यह आरोप महाराष्ट्र की राजनीति में एक नए विवाद की शुरुआत कर सकते हैं, जिसमें विपक्ष इस मामले में जांच और सीबीआई जांच की मांग कर सकता है।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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