संध्या समय न्यूज
महाराष्ट्र के पालघर जिले के बोईसर स्थित तारापुर औद्योगिक क्षेत्र (MIDC) में बुधवार को एक बड़ा हादसा बचा। यहां प्लॉट नंबर डी-17 पर स्थित भगेरिया केमिकल कंपनी में सल्फर ट्राईऑक्साइड (SO3) गैस के रिसाव से पूरे औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप मच गया। गैस का असर इतना व्यापक था कि घटनास्थल से तीन से चार किलोमीटर दूर रहने वाले लोगों को भी आंखों में जलन, खांसी और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत होने लगी।
प्रशासन ने लिया तत्काल स्थिति पर काबू पाने के लिए एहतियाती कदम
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन मौके पर पहुंच गया। कंपनी के आसपास स्थित अन्य औद्योगिक इकाइयों में काम कर रहे कर्मचारियों को तुरंत बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया। गैस के प्रसार को देखते हुए MIDC कॉलोनी को भी खाली करा लिया गया। मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीम भी तैनात कर दी गई है। पुलिस और जिला प्रशासन पूरी स्थिति पर सख्त नजर बनाए हुए है।
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दो कर्मचारी अस्पताल में भर्ती, हालत स्थिर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस हादसे में कंपनी के दो कर्मचारी प्रभावित हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों ने बताया कि दोनों की हालत अभी स्थिर है। अन्य कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है और अभी तक किसी और के गंभीर होने की खबर नहीं है।
तारापुर में गैस रिसाव की घटनाएं नहीं हो रहीं पहली बार
यह तारापुर औद्योगिक क्षेत्र में गैस रिसाव की पहली घटना नहीं है। इससे पहले अगस्त 2025 में भी यहां एक फार्मा कंपनी के दवा निर्माण कारखाने में गैस रिसाव होने से चार मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
इसी तरह, हाल ही में कर्नाटक के मंगलुरु जिले के सूरतकल में स्थित मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (एमआरपीएल) में भी जहरीली गैस के रिसाव से दो कर्मचारियों की मौत हो चुकी है। ऐसे में औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल एक बार फिर गंभीर हो गए हैं।

























