संध्या समय न्यूज
Noida News : नोएडा पुलिस ने साइबर अपराधियों के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसके तार नाइजीरिया और दक्षिण अफ्रीका तक जुड़े हुए हैं। पुलिस ने ‘सोलर स्पाइडर’ (Solar Spider) नामक अंतरराष्ट्रीय साइबर थ्रेट ग्रुप से जुड़े दो विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार करके लगभग 60 से 80 करोड़ रुपये की बड़ी साइबर ठगी को समय रहते विफल कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट की साइबर क्राइम टीम को सूचना मिली थी कि एक सक्रिय साइबर फ्रॉड मॉड्यूल बैंकिंग सिस्टम की कमजोरियों का फायदा उठाकर बड़े पैमाने पर ठगी की तैयारी कर रहा है। इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए थाना साइबर क्राइम, नॉलेज पार्क और मेरठ जोन की साइबर कमांडो टीम को लगाया। कई दिनों की तकनीकी निगरानी और डिजिटल ट्रैकिंग के बाद पुलिस ने दो विदेशी नागरिकों को नोएडा से गिरफ्तार कर लिया।
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‘सोलर स्पाइडर’ से साझा
डीसीपी साइबर क्राइम शैव्या गोयल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी अंतरराष्ट्रीय साइबर थ्रेट ग्रुप ‘सोलर स्पाइडर’ से जुड़े हैं। यह गिरोह अलग-अलग देशों में साइबर हमलों और वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में सक्रिय रहा है। आरोपियों ने भारत में बैठकर खासकर को-ऑपरेटिव बैंकों की साइबर सुरक्षा में मौजूद कमजोरियों को निशाना बनाया था।
वीकेंड पर करते थे हमला
आरोपियों की रणनीति बेहद सोची-समझी थी। वे जानबूझकर अपने साइबर हमले और ट्रांजेक्शन वीकेंड (शनिवार और रविवार) के दौरान करते थे, क्योंकि इन दिनों बैंक बंद रहते हैं या निगरानी सीमित होती है। इसी तरह 7 से 8 मार्च के बीच उन्होंने गुजरात के एक को-ऑपरेटिव बैंक से करीब 7 करोड़ रुपये की ठगी कर ली थी। इसके बाद वे 60 से 80 करोड़ रुपये तक की रकम ट्रांसफर करने की योजना बना रहे थे।
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क्रिप्टो के जरिए होता था पैसा वाशिंग
जांच में पता चला कि गिरोह बैंक खातों से पैसे निकालकर उन्हें अलग-अलग ‘म्यूल अकाउंट्स’ में ट्रांसफर करता था। इसके बाद उस पैसे को क्रिप्टो करेंसी में बदलकर नाइजीरिया और दक्षिण अफ्रीका में बैठे साइबर अपराधियों के वॉलेट्स में भेज दिया जाता था, ताकि पैसे का ट्रैक करना मुश्किल हो जाए।
बैंकों के लिए एडवाइजरी
इस मामले में दो विदेशी नागरिकों के गिरफ्तार होने के बाद पुलिस अब इस नेटवर्क की अन्य कड़ियों को खोज रही है। इसी कड़ी में पुलिस ने सभी को-ऑपरेटिव बैंकों को एडवाइजरी जारी करते हुए अपनी साइबर सुरक्षा को मजबूत करने और सिस्टम ऑडिट कराने की सलाह दी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

























