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बिहार राजनीति में बड़ा बदलाव, नितिन नवीन ने विधानसभा से इस्तीफा दिया

भाजपा (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बांकीपुर से विधायक नितिन नवीन

Bihar News: बिहार की राजनीति में सोमवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला। भाजपा (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बांकीपुर से विधायक नितिन नवीन ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी विधान परिषद की सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया। दोनों शीर्ष नेताओं का यह कदम राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद संवैधानिक बाध्यता के तहत उठाया गया है।

पिता की विरासत को संभालने वाले नेता की भावुक विदाई

बता दें कि राज्यसभा में अपनी नई भूमिका संभालने से पहले नितिन नवीन बेहद भावुक नजर आए। पिछले दो दशक से उनका सियासी सफर बांकीपुर से जुड़ा था। उन्होंने क्षेत्र की जनता के प्रति गहरा आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने इस क्षेत्र को अपने पिता और वरिष्ठ नेता स्वर्गीय नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा द्वारा सींची गई विरासत मानकर हमेशा अपने परिवार की तरह ही निभाया।

नितिन नवीन की राजनीतिक यात्रा की शुरुआत बेहद कठिन दौर से हुई थी। जनवरी 2006 में उनके पिता के आकस्मिक निधन के बाद उन पर परिवार और क्षेत्र की जिम्मेदारी आ गई। अप्रैल 2006 में पटना पश्चिम से उपचुनाव जीतकर उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। बांकीपुर की जनता ने उन्हें लगातार पांच बार विधायक चुनकर उनके काम और निष्ठा पर मोहर लगाई, जिसे उन्होंने अपने जीवन का सबसे सम्मानजनक अनुभव बताया।

संवैधानिक नियमों ने कराई 14 दिन में इस्तीफे की अनिवार्यता

बिहार विधानसभा की कार्य संचालन नियमावली के अनुसार, यदि कोई भी विधायक राज्यसभा या लोकसभा जैसे अन्य सदन के लिए निर्वाचित होता है, तो उसे 14 दिनों के भीतर अपना पद छोड़ना अनिवार्य होता है।
बता दें कि 16 मार्च को हुए राज्यसभा चुनाव में नितिन नवीन के अलावा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, शिवेश कुमार, उपेंद्र कुशवाहा और रामनाथ ठाकुर को विजयी घोषित किया गया था। सोमवार (30 मार्च) को यह 14 दिन की समय-सीमा पूरी होने के कारण नितिन नवीन ने आधिकारिक रूप से विधानसभा से इस्तीफा दे दिया।

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सीएम नीतीश कुमार ने भी सौंपा त्यागपत्र

इसी क्रम में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी विधान परिषद (एमएलसी) की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना त्यागपत्र सीएम आवास पर विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह को सौंपा। नीतीश कुमार के लिए यह दौर भी यादगार रहा, क्योंकि उन्होंने आखिरी बार साल 2004 में नालंदा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। उसके बाद से लगातार दो दशक तक वे विधान परिषद के सदस्य बने रहे।

बिहार के सियासी समीकरणों पर क्या असर पड़ेगा?

इन दो बड़े इस्तीफों के बाद बिहार के राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नितिन नवीन का राज्यसभा पहुंचना और नीतीश कुमार का विधान परिषद से बाहर आना सिर्फ एक संवैधानिक औपचारिकता नहीं है, बल्कि इससे राज्य की सियासी दिशा और राज्यसभा में सीटों के समीकरण पर गहरा असर पड़ेगा। अब देखना होगा कि बांकीपुर विधानसभा सीट के लिए भाजपा किसे अपना उम्मीदवार बनाती है और राज्यसभा में नई भूमिका में नितिन नवीन कैसी रणनीति अपनाते हैं।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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