संध्या समय न्यूजा
नासिक महानगरपालिका (मनपा) ने वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए एक संतुलित बजट पेश करते हुए शहर के विकास और आगामी सिंहस्थ को प्राथमिकता दी है। महापालिका आयुक्त मनीषा खत्री ने सोमवार को स्थायी समिति के सभापति मच्छिंद्र सानप को कुल 3011.85 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया। विशेष बात यह है कि इस बार नासिकवासियों पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाले बिना विकास कार्यों पर फोकस किया गया है।
बजट का मुख्य आकर्षण
- कुल आय: 3011.85 करोड़ रुपये।
- कुल व्यय: 3010 करोड़ रुपये।
- प्रारंभिक शेष: 143.09 करोड़ रुपये।
- अंतिम शेष: 1.85 करोड़ रुपये (अनुमानित)।
प्रशासकीय शासन के बाद पहला बजट
पिछले चार वर्षों से चल रहे प्रशासकीय शासन के अंत और हाल ही में हुए चुनावों के बाद निर्वाचित प्रशासन द्वारा यह पहला बजट है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए शहर की बुनियादी जरूरतों और विकास को प्राथमिकता दी गई है। हालांकि, विज्ञापन कर और लाइसेंस शुल्क में 15 प्रतिशत की वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया है, जबकि नागरिकों पर सीधे पड़ने वाले अन्य करों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।
संयुक्ता ने तब्बू के साथ काम का जिक्र किया
सिंहस्थ और विकास कार्यों पर फोकस
आगामी सिंहस्थ (कुंभ मेले) को ध्यान में रखते हुए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। सड़कों, जलापूर्ति, स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पर्याप्त निधि आवंटित की गई है। स्थायी समिति के सभापति मच्छिंद्र सानप ने कहा कि यह बजट शहर के विकास को गति देगा और आयुक्त द्वारा पेश किए गए प्रावधानों पर आगामी 5 तारीख को होने वाली बैठक में विस्तृत चर्चा होगी।
नगरसेवक निधि और सदस्यों की मांगें
बजट में प्रति नगरसेवक 30 लाख रुपये स्वेच्छा निधि और 8 लाख रुपये प्रभाग विकास निधि यथावत रखी गई है, जिस पर कुछ सदस्यों ने वृद्धि की मांग जताई है। साथ ही, नगरसेवक मुकेश शहाणे ने दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजितदादा पवार के स्मारक के लिए निधि आरक्षित करने की मांग की, जबकि सिडको क्षेत्र के लिए भी विशेष धनराशि देने की बात कही गई।

























