---Advertisement---

ईरान-अमेरिका तनाव से सूखे मेवों की सप्लाई पर बड़ा संकट

ईरानी और पेशावरी पिस्ता दोनों की कीमतों में भारी उछाल आया है। महज कुछ दिनों के भीतर पिस्ते के दाम ₹750 से ₹800 प्रति किलोग्राम तक बढ़ चुके हैं। अगर बात करें ईरानी पिस्ते की, जो पहले लगभग ₹1,650 प्रति किलोग्राम मिलता था, वह अब खुदरा बाजारों में ₹2,400 से लेकर ₹3,400 प्रति किलोग्राम तक बिक रहा है।

फारस की खाड़ी संकट से महंगे हुए ड्राई फ्रूट, भारत में बढ़ी चिंता

HIGHLIGHTS

  • ड्राई फ्रूट बाजार में हड़कंप
  • पिस्ता ₹3400 किलो तक पहुंचा
  • भारतीय थालियों पर युद्ध का असर
  • मेवों की कीमतों में भारी उछाल
  • पिस्ता, अंजीर और खजूर हुए महंगे

Dry Fruit Shortage: फारस की खाड़ी में बढ़ते सैन्य तनाव और होर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग गतिविधियों में आ रही बाधाओं का असर अब भारतीय घरों की थालियों तक पहुंच गया है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते गतिरोध की वजह से समुद्री मार्गों पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं, जिसका सीधा असर भारत में सूखे मेवों (Dry Fruits) की आपूर्ति और कीमतों पर पड़ रहा है। देश के थोक बाजारों में स्टॉक खत्म होने के कगार पर है, जिससे पिस्ता, अंजीर, खजूर और बादाम जैसे मेवों के दाम आसमान छू रहे हैं।

विदेशी आपूर्ति पर 80% मुसलसल निर्भरता

भारत का सूखे मेवों का उद्योग लगभग 8.5 अरब डॉलर का है, लेकिन इसका एक बड़ा हिस्सा विदेशों पर निर्भर करता है। देश अपनी कुल सूखे मेवों की जरूरत का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है। प्रमुर आपूर्तिकर्ताओं में ईरान, अफगानिस्तान, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और मध्य एशियाई देश शामिल हैं। चूंकि इनमें से अधिकतर शिपमेंट होर्मुज स्ट्रेट और खाड़ी के शिपिंग कॉरिडोर से होकर गुजरते हैं, इसलिए वहां थोड़ी सी भी रुकावट भारतीय बाजार में तुरंत सनसनी मचा देती है।

पिस्ता हुआ सबसे महंगा, ₹800 तक का उछाल

इस संकट का सबसे बुरा असर पिस्ता के दामों पर देखने को मिल रहा है। ईरानी और पेशावरी पिस्ता दोनों की कीमतों में भारी उछाल आया है। महज कुछ दिनों के भीतर पिस्ते के दाम ₹750 से ₹800 प्रति किलोग्राम तक बढ़ चुके हैं। अगर बात करें ईरानी पिस्ते की, जो पहले लगभग ₹1,650 प्रति किलोग्राम मिलता था, वह अब खुदरा बाजारों में ₹2,400 से लेकर ₹3,400 प्रति किलोग्राम तक बिक रहा है। यह वृद्धि आम उपभोक्ता के लिए चिंता का विषय है।

अंजीर, खजूर और खुबानी के भी बढ़े दाम

पिस्ते के अलावा अन्य मेवों की किल्लत भी खतनाक हो गई है:

  • अंजीर: भारत में अंजीर की बड़ी खेप ईरान से आती है। आपूर्ति में कमी के चलते इसके खुदरा भाव में 30 से 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
  • खजूर: कुछ किस्मों के खजूर के दाम ₹210 से बढ़कर लगभग ₹350 प्रति किलोग्राम पहुंच गए हैं।
  • खुबानी: ईरानी खुबानी के दामों में भी आग लगी है। दिसंबर महीने के बाद से कई बाजारों में इसकी कीमतें दोगुनी हो चुकी हैं, जो ₹750 से बढ़कर ₹1,400 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई हैं।

मामरा बादाम और थोक बाजार का हाल

मामरा बादाम भी इस मुसीबत से अछूता नहीं है। स्टॉक कम होने और नई खेप में देरी की वजह से इसके दामों में भी ₹300 से ₹500 प्रति किलोग्राम तक की बढ़ोतरी हुई है। व्यापारियों का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के चलते पिछले दो महीनों में ईरान से सूखे मेवों का आयात 30 प्रतिशत से भी ज्यादा गिर चुका है। भारत के सबसे बड़े थोक मंडियों में स्टॉक खत्म होने की कगार पर है, जिससे आने वाले दिनों में यह समस्या और गंभीर हो सकती है। होली और शादियों के सीजन को देखते हुए यह वृद्धि आम जनता के लिए एक डबल झटका साबित हो सकती है।

Rishi Tiwari

ऋषी तिवारी (Rishi Tiwari) वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली एनसीआर में एपीएनएस न्यूज ऐजेंसी लंबे समय तक सेवाएं देने के पश्चात सेवानिवृत्त हुए। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ अपनी नई पत्रकारिता पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षो से जुड़े रहकर निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ा रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now