संध्या समय न्यूज
अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के विरोध में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) सहित विभिन्न वामपंथी दलों ने आज जंतर मंतर, नई दिल्ली पर संयुक्त रूप से जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय शांति को खतरे में पड़ते देखते हुए केंद्र सरकार से स्पष्ट और स्वतंत्र विदेश नीति अपनाने की मांग की।
माकपा नेता वृंदा करात ने दिया जवाब
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए माकपा की राष्ट्रीय नेता कामरेड वृंदा करात ने अमेरिका और इजरायल के कार्यों को कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय शांति और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक गंभीर खतरा है। उन्होंने इसे साम्राज्यवादी हस्तक्षेप करार दिया। करात ने कहा, “युद्ध और सैन्य कार्रवाई किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। सभी विवादों का समाधान संवाद और कूटनीति के माध्यम से होना चाहिए।” उन्होंने भारत सरकार पर जोर डाला कि वह इस मामले में अपना स्पष्ट रुख स्पष्ट करे और किसी भी प्रकार की सैन्य आक्रामकता का समर्थन न करे।
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नोएडा के कार्यकर्ताओं ने दिखाई ताकत
इस विरोध प्रदर्शन में नोएडा (गौतमबुद्धनगर) से सीपीआई(एम) के नेता कामरेड गंगेश्वर दत्त शर्मा एवं कामरेड रामस्वारथ के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भाग लिया। नोएडा इकाई ने केंद्र सरकार से मांग की कि वह शांति और कूटनीतिक समाधान के पक्ष में स्पष्ट रुख अपनाए तथा युद्ध के आगे झुकने से इनकार करे।
जनआंदोलन की चेतावनी
विरोध प्रदर्शन के दौरान अन्य वामपंथी नेताओं ने भी पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताई। वक्ताओं ने कहा कि वैश्विक शांति, संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के सम्मान की रक्षा के लिए जनआंदोलन को मजबूत करना अब आवश्यक हो गया है।वामपंथी दलों ने चेतावनी दी है कि यदि क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए और सैन्यवाद को रोका नहीं गया, तो आम जनता के बीच व्यापक जनजागरण अभियान और आंदोलन चलाया जाएगा।























