संध्या समय न्यूज
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में छात्रसंघ के शिक्षा मंत्रालय तक निकाले गए मार्च को लेकर विवाद और तनाव गहराया है। छात्र संगठनों और प्रशासन के बीच चल रहे टकराव में दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए JNUSU की अध्यक्ष समेत 14 छात्रों को गिरफ्तार कर लिया है। छात्र संगठनों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद पुलिस द्वारा बल प्रयोग करने का आरोप लगाया है।
क्या है पूरा मामला?
घटना का सिलसिला गुरुवार को शुरू हुआ, जब JNUSU और ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (AISA) ने अपनी मांगों को लेकर शिक्षा मंत्रालय तक मार्च निकाला। छात्रों का आरोप है कि उनका प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन पुलिस ने उन पर बल का प्रयोग किया। इस कार्रवाई में कई छात्र घायल हुए हैं, जबकि 14 छात्रों को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस ने गिरफ्तार छात्रों को 14 घंटे से अधिक समय तक थाने में रखा।
गिरफ्तार छात्रों में कौन-कौन हैं?
पुलिस की कार्रवाई में पकड़े गए छात्रों में विश्वविद्यालय के बड़े नेता शामिल हैं। इनमें JNUSU की अध्यक्ष अदिति मिश्रा, उपाध्यक्ष गोपिका, संयुक्त सचिव दानिश अली और पूर्व अध्यक्ष शामिल हैं। साथ ही, AISA की अखिल भारतीय अध्यक्ष नेहा भी गिरफ्तार की गई हैं। गिरफ्तारी के बाद छात्रों ने वसंत कुंज थाने तक मार्च निकालकर अपने साथियों की रिहाई की मांग की है।
छात्रों की मांगें और नारे
छात्रसंघ ने यह मार्च मुख्य रूप से 26 फरवरी को बुलाए गए ‘लॉग मार्च’ के संदर्भ में निकाला था। छात्रों की प्रमुख मांगों में शामिल हैं जो कि रोहित एक्ट छात्रसंघ की मांग है कि विश्वविद्यालय में रोहित एक्ट के अनुरूप यूजीसी के नियम लागू किए जाएं। कुलपति का इस्तीफा छात्रों ने जातिवादी बयान देने के आरोप में JNU के कुलपति (VC) से माफी मांगने और इस्तीफा देने की मांग की है। फंडिंग और NEP:सार्वजनिक संस्थानों के लिए फंडिंग मजबूत करने और नई शिक्षा नीति (NEP) को वापस लेने की मांग की गई। साथ ही, NEP के तहत शुरू किए गए ‘सिद्धांत फाउंडेशन’ और नए पाठ्यक्रमों की समीक्षा करने को लेकर भी आवाज उठाई गई।
प्रशासन और पुलिस पर आरोप
AISA और JNUSU के नेताओं ने प्रशासन और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एक प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने कहा, “प्रशासन छात्रों की बात सुनने के बजाय दमन की नीति अपना रहा है। सैकड़ों छात्रों के शांतिपूर्ण जुटान के बावजूद पुलिस ने बल प्रयोग किया, जो लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है।”
स्पोकन फेस्ट में ‘द मेहता बॉयज़’ को मिला जबरदस्त अपलॉज़
बढ़ता तनाव और अपील
इस घटना के बाद JNU परिसर में माहौल तनावपूर्ण हो गया है। छात्र संगठनों ने देशभर के विद्यार्थियों और लोकतंत्र समर्थक नागरिकों से समर्थन की अपील की है। JNUSU का कहना है कि यह सिर्फ जेएनयू का मुद्दा नहीं है, बल्कि देश के सार्वजनिक विश्वविद्यालयों में शिक्षा के अधिकार और सामाजिक न्याय की लड़ाई है। वर्तमान में गिरफ्तार छात्रों की रिहाई को लेकर प्रशासन और छात्रों के बीच वार्ता जारी है और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
























