संदिप कुमार गर्ग
नोएडा। सेक्टर-12 स्थित भवराव देवरस विद्यालय में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ‘सर्वेश्वर महादेव ज्योतिर्लिंग धाम’ की ओर से आयोजित किया गया, जिसमें महिलाओं के सम्मान, अधिकार और समाज में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम में मुख्य ट्रस्टी विनेश के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कुटुंब प्रबोधन के प्रान्त संयोजक आचार्य पृथ्वी और कुटुंब प्रबोधन के महानगर संयोजक शशिपाल मौजूद रहे। अतिथियों ने महिला सम्मान और महिला सशक्तिकरण को लेकर अपने विचार साझा किए।
महिलाओं के योगदान को बताया महत्वपूर्ण
कार्यक्रम में रविंद्र कुमार, विनेश, शशिपाल और आचार्य पृथ्वी ने महिलाओं के सम्मान और उनके योगदान को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि परिवार और समाज के विकास में महिलाओं की भूमिका बेहद अहम है। महिलाओं को समान अवसर और सम्मान देकर समाज में सकारात्मक बदलाव को बढ़ावा दिया जा सकता है।
वक्ताओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि महिलाएं समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इसके लिए उनके अधिकारों और योगदान को उचित सम्मान मिलना जरूरी है।
महिला अधिकारों और सम्मान पर हुई चर्चा
समारोह में एपीएन न्यूज़ के संपादक प्रसून ने महिलाओं के अधिकार, सामाजिक स्थिति और सम्मान के विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि महिलाओं को समाज में समान सम्मान और अधिकार दिलाने के लिए केवल चर्चा पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसके लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता और सामाजिक बदलाव की आवश्यकता है।
उन्होंने महिला सम्मान को मजबूत करने के लिए शिक्षा, सामाजिक जागरूकता तथा संवैधानिक और कानूनी समर्थन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ने से समानता की दिशा में सकारात्मक बदलाव संभव है।
शिक्षा और जागरूकता से मजबूत होगा महिला सशक्तिकरण
कार्यक्रम में वक्ताओं ने महिलाओं की स्थिति को बेहतर बनाने में शिक्षा और जागरूकता की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें सामाजिक और कानूनी स्तर पर आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं के सम्मान, अधिकार और समाज में उनकी भागीदारी को लेकर सकारात्मक संदेश दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना को बढ़ावा देना और समाज में समानता के महत्व को रेखांकित करना रहा।


























