खाड़ी संकट और ‘संख्या के डर’ ने बदली इंडिया ब्लॉक की रणनीति

स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव से क्यों पीछे हटा विपक्ष? (फाइल फोटो)

संध्या समय न्यूज


बजट सत्र के दूसरे चरण का पहला दिन भारी हंगामे और स्थगन का गवाह बना, लेकिन सबसे बड़ी चर्चा विपक्ष द्वारा अचानक बदली गई रणनीति रही। जिस लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की धमकी दी जा रही थी और टीएमसी (TMC) समेत सभी विपक्षी दलों ने इस पर वोटिंग कराने की बात कही थी, उसी मुद्दे से इंडिया ब्लॉक ने चर्चा के समय हाथ खींच लिया। सवाल उठ रहा है कि आखिर विपक्ष को इस मुद्दे पर पल्ला झाड़ना पड़ा?

सुबह की बैठक में बदला ‘खेल’

दरअसल, संसद में कार्यवाही शुरू होने से पहले इंडिया ब्लॉक की हुई महत्वपूर्ण बैठक में रणनीति बदलने का फैसला लिया गया। राहुल गांधी और अखिलेश यादव समेत तमाम विपक्षी नेताओं की इस बैठक में दो बड़े कारण सामने आए, जिसके चलते स्पीकर के खिलाफ नोटिस पर जोर देने से गुरेज किया गया। पहला और सबसे बड़ा कारण था- ‘आंकड़ों का डर’। बैठक में यह आशंका जताई गई कि अगर अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग होती है, तो सदन में सरकार के पास बहुमत होने के कारण विपक्ष को हार का सामना करना पड़ेगा। यह हार विपक्ष के लिए राजनीतिक तौर पर नुकसानदेय हो सकती थी।

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दूसरा और तत्कालिक कारण था- खाड़ी देशों में बनी स्थिति। कांग्रेस के केरल के सांसदों ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया। केरल के करीब 25 लाख लोग खाड़ी देशों में काम करते हैं और वहां के हालात का सीधा असर राज्य की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। विपक्ष का मानना था कि करीब एक करोड़ भारतीयों की जान और रोज़गार संकट में है, इसलिए इस मुद्दे को स्पीकर के मुद्दे से ज्यादा तरजीह देनी चाहिए।

राहुल गांधी का स्पष्टीकरण

बैठक के बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस बदलाव को स्पष्ट करते हुए कहा, “वेस्ट एशिया में जो हो रहा है, उससे हमारी अर्थव्यवस्था को जबरदस्त नुकसान होने वाला है। स्टॉक मार्केट गिर रहा है, तेल के दाम बढ़ेंगे। ये जनता के मुद्दे हैं। हमने सोचा कि इस पर चर्चा जरूरी है। स्पीकर का मुद्दा बाद में उठाया जा सकता है।”

सदन में हंगामा और सरकार का हमला

इस बदली रणनीति के बाद विपक्ष ने सदन में विदेश मंत्री के बयान के तुरंत बाद खाड़ी संकट पर चर्चा की मांग की और हंगामा शुरू कर दिया। विपक्षी सांसदों ने ‘मध्यपूर्व जल रहा है, भारतीय फंसे हुए हैं’ जैसे बैनर पकड़कर नारेबाजी की, जिससे कार्यवाही कई बार स्थगित हुई और आखिरकार दिन भर के लिए सदन टाल दिया गया।
इस बीच, सरकार ने विपक्ष के इस ‘पलटाव’ पर जोरदार हमला बोला। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने राहुल गांधी पर ‘फेल्ड नेता’ होने का तंज कसा, तो अनुराग ठाकुर ने कहा, “विपक्ष स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाता है और फिर चर्चा से भाग निकलता है। ये सिर्फ नाटक और हंगामा करने का मामला है।”

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