UP News : उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की बांसडीह तहसील पर गोंड समुदाय का अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को भी जारी रहा। समुदाय के लोग अनुसूचित जनजाति (ST) प्रमाण पत्र जारी करने में कथित लापरवाही और बार-बार आवेदन निरस्त किए जाने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश संशोधन अधिनियम, 2002 के तहत बलिया जिले में निवास करने वाली गोंड जाति को अनुसूचित जनजाति का दर्जा प्राप्त है। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश शासनादेश 3 नवम्बर 2021 (समाज कल्याण अनुभाग-3) में भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि गोंड समुदाय को ST प्रमाण पत्र जारी किया जाए।
बांसडीह तहसील प्रशासन निर्देशों का पालन नहीं करते
धरना दे रहे गोंड नेताओं ने आरोप लगाया कि बांसडीह तहसील प्रशासन इन निर्देशों का पालन नहीं कर रहा है। उनका कहना है कि ऑनलाइन आवेदन करने के बावजूद आवेदनों को बार-बार निरस्त किया जा रहा है, जिससे समुदाय के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने विशेष रूप से बांसडीह तहसीलदार नितिन कुमार सिंह पर शासनादेश की अवहेलना और गोंड समुदाय के उत्पीड़न का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि प्रशासन की इस कार्यप्रणाली से पात्र लोगों को उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है।
धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने दी चेतावनी
बता दें कि धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि शासनादेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए और गोंड समुदाय के लोगों को बिना बाधा ST प्रमाण पत्र जारी किया जाए। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जबकि धरना लगातार जारी है।

























