ऋषी तिवारी
सत्तारूढ़़ पार्टी के शासनकाल में रसोई गैस (एलपीजी) की कीमतों में हुई बेतहाशा वृद्धि का सीपीआई(एम) यानी माकपा ने कड़ा विरोध किया है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण आम नागरिकों का जीवन दूभर हो गया है और लोग अपने आपको ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
सिलेंडर की कीमतों में भारी उछाल
सीपीआई (एम) गौतम बुध नगर कमेटी की ओर से एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए वरिष्ठ नेता गंगेश्वर दत्त शर्मा ने बताया कि भाजपा शासनकाल में एक बार फिर घरेलू रसोई गैस के दामों में इजाफा किया गया है। 14.2 किलोग्राम के घरेलू सिलेंडर के दामों में 60 रुपये, जबकि 19 किलोग्राम के कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में 115 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने कहा कि पिछले साल 8 अप्रैल को भी इसी तरह की बढ़ोतरी की गई थी। बीते 11 महीनों में यह दूसरी बार है जब गैस की कीमतों में उछाल देखा गया है। इसके चलते अब घरेलू सिलेंडर की कीमत 925 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर की कीमत बढ़कर करीब 2200 रुपये पहुँच गई है।
‘बहुत हुई महंगाई की मार’ का नारा था झूठा
गंगेश्वर दत्त शर्मा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा ने ‘बहुत हुई महंगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार’ जैसा नारा दिया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद महंगाई को कम करने के बजाय और बढ़ाया गया। उन्होंने बताया कि भाजपा के शासनकाल में ही रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 400 रुपये से बढ़कर करीब एक हजार रुपये तक पहुँच गई है। बढ़ती महंगाई के कारण लोगों के लिए खाना पकाना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि अब लोग भाजपा सरकार की कथनी और करनी के अंतर को समझने लगे हैं।
बीपीएल सूची से नाम हटाना और जनविरोधी फैसले
अपने बयान में माकपा नेता ने आरोप लगाया कि गरीबों को राहत देने के बजाय प्रदेश की भाजपा सरकार ने लगभग 14 लाख परिवारों के नाम बीपीएल सूची से हटा दिए हैं। इससे गरीबों को सरकारी सस्ता राशन और अन्य योजनाओं का लाभ मिलने से वंचित हो गया है। इसके अलावा, केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा को खत्म करने, श्रमिक विरोधी लेबर कोड्स, बिजली संशोधन बिल, बीज संशोधन बिल और भारत-अमेरिका डील जैसे फैसलों को भी जनविरोधी बताया।
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24 मार्च को होगी विशाल जनआक्रोश रैली
इस मौके पर जिला सचिव राम सागर ने कहा कि भाजपा सरकार एक के बाद एक जनविरोधी फैसले ले रही है, जिससे लोग बेहद तंग आ चुके हैं। सरकार की इन नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए सीपीआई (एम) जनपद में 9 से 23 मार्च तक ‘जन आक्रोश रैली’ को सफल बनाने के लिए जन अभियान चलाएगी। इसके समापन के रूप में 24 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल जन आक्रोश रैली का आयोजन किया जाएगा।
























