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भाजपा के अमूल्य रत्न बीएस येदियुरप्पा के साथ नितिन नबीन विशेष भेंट

उनके नेतृत्व में ही कर्नाटक ने दक्षिण भारत में पहली बार भाजपा की सरकार को देखा। यह किसी भी राष्ट्रीय पार्टी के लिए एक ऐतिहासिक पल था। चाहे वह लिंगायत समाज का समन्वय हो या किसानों के मुद्दों को उठाना, श्री येदियुरप्पा जी हमेशा जनता की आवाज को संसद और विधानसभा तक पहुंचाने का काम किया है।

दक्षिण भारत में भाजपा को नई पहचान देने वाले महानायक

HIGHLIGHTS

  • कर्नाटक भाजपा के शिल्पकार से मुलाकात का सौभाग्य
  • समर्पण और सेवा की मिसाल: बीएस येदियुरप्पा
  • जनता के विश्वास से शिखर तक का प्रेरणादायक सफर
  • एक महान जननेता के प्रति सम्मान और कृतज्ञता
  • राजनीति में विनम्रता और सेवा का अद्भुत उदाहरण

BJP National President Nitin Naveen News: राजनीति में समर्पण, अथक मेहनत और जनता के प्रति अटूट विश्वास की मिसाल माने जाने वाले कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता बीएस येदियुरप्पा से आज भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने बेंगलुरु में शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात की जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा करते हुए कहा कि यह केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं थी, बल्कि उस महान व्यक्तित्व के प्रति सम्मान और कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर था, जिन्होंने दक्षिण भारतीय राजनीति को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

आज की इस भेंट के दौरान मैंने येदियुरप्पा जी के चरणों में उनकी जनसेवा के 50 वर्ष पूरे होने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं व्यक्त कीं। आधा शताब्दी से भी अधिक समय तक किसी भी क्षेत्र में सक्रिय रहना और उसी जोश और उत्साह के साथ काम करना, वाकई एक दुर्लभ उपलब्धि है। यह समय उनके संघर्ष, उनकी विजय और जनता के प्रति उनकी निस्वार्थ सेवा की गवाही देता है।

कर्नाटक भाजपा के शिल्पकार

श्री येदियुरप्पा जी का नाम कर्नाटक में भाजपा के विस्तार से अलग नहीं किया जा सकता। उन्हें संगठन का वह मजबूत स्तंभ माना जाता है, जिसने पार्टी को कर्नाटक की धरती पर पहचान दिलाई। 1980 के दशक में जब भाजपा दक्षिण भारत में एक कमजोर स्थिति में थी, तब उनके कंधों पर ही पार्टी को मजबूत करने की जिम्मेदारी थी। उन्होंने अपने कर्मठ स्वभाव और जमीनी स्तर पर किए गए कामों के दम पर पार्टी को एक मजबूत आधार दिया।

उनके नेतृत्व में ही कर्नाटक ने दक्षिण भारत में पहली बार भाजपा की सरकार को देखा। यह किसी भी राष्ट्रीय पार्टी के लिए एक ऐतिहासिक पल था। चाहे वह लिंगायत समाज का समन्वय हो या किसानों के मुद्दों को उठाना, श्री येदियुरप्पा जी हमेशा जनता की आवाज को संसद और विधानसभा तक पहुंचाने का काम किया है। उनकी कार्यशैली और संगठननायक के रूप में उनकी क्षमता ने न केवल कर्नाटक बल्कि पूरे दक्षिण भारत में पार्टी की विचारधारा को मजबूती दी है।

50 वर्षों का अथक सफर

जनसेवा के 50 वर्ष—यह एक लंबा समय है। इस यात्रा में उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन उनका हौसला कभी टूटा नहीं। एक साधारण किसान परिवार से निकलकर राज्य के सर्वोच्च पद तक पहुंचना और फिर भी जमीन से जुड़े रहना, उनकी सबसे बड़ी विशेषता है। उन्हें ‘अजातशत्रु’ कहा जाता है, क्योंकि उनका व्यक्तित्व इतना सहज और मिलनसार है कि विरोधी भी उनके सम्मान में शब्द खड़े कर देते हैं।

आज की मुलाकात में जब मैंने उन्हें इस पूरे हुए पचास वर्षों के सफर के लिए बधाई दी, तो उनके चेहरे पर एक संतोष और विनम्रता स्पष्ट दिखाई दी। वह अपनी उपलब्धियों पर घमंड नहीं करते, बल्कि अभी भी उन्हें लगता है कि उनके लिए और अधिक करना बाकी है। जनकल्याण के प्रति उनका यह अटूट समर्पण ही उन्हें आज भी युवाओं और कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनाए हुए है।

एक अमूल्य मार्गदर्शक

हमारी बातचीत के दौरान, उनके अनुभवों से सीखने को बहुत कुछ मिला। उन्होंने राजनीति में त्याग और समर्पण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कैसे संघ के सरसंघचालक से लेकर आम जनता तक किसी भी व्यक्ति के साथ व्यवहार करते समय विनम्रता कायम रखनी चाहिए। उनका कहना था कि पद का अहंकार नहीं, बल्कि जनता की सेवा का भाव ही राजनेता को सफल बनाता है।

श्री येदियुरप्पा जी ने कर्नाटक के विकास में भी अहम भूमिका निभाई है। बेंगलुरू के बुनियादी ढांचे से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई परियोजनाओं तक, उनकी छाप हर जगह दिखती है। उनके द्वारा शुरू की गई कई लोकप्रिय योजनाएं आज भी राज्य की प्रगति की रीढ़ की हड्डी का काम कर रही हैं।

भविष्य के लिए प्रेरणा

आज की यह मुलाकात मेरे लिए अविस्मरणीय रहेगी। उनके हाथों में अपना हाथ रखकर उन्हें बधाई देना और उनके अनुभवों को सुनना, एक ऊर्जा से भरपूर अनुभव था। उन्होंने साबित कर दिया है कि अगर नीयत साफ हो और मेहनत ईमानदार हो, तो कोई भी लक्ष्य अपूर्ण नहीं है।

अंत में, मैं फिर से श्री बी.एस. येदियुरप्पा जी को उनके 50 वर्षों की सार्वजनिक जीवन की सेवा के लिए हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। वह भाजपा के लिए एक अमूल्य रत्न हैं और भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक मार्गदर्शक। उनका स्वास्थ्य लंबी उम्र और ऊर्जा से भरा रहे, यही मेरी प्रार्थना है। उनके जैसा नेता पाना किसी भी कार्यकर्ता के लिए सौभाग्य की बात है, और आज यह सौभाग्य मुझे हुआ।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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