कबड्डी में भारत का दबदबा, जापान पर आठवीं बार शानदार जीत

एशियन गेम्स 2026 कबड्डी में गत चैंपियन भारतीय टीम ने जापान को 49-24 से हरा दिया। जानें मैच के हाइलाइट्स, टॉप परफॉर्मर, हेड-टू-हेड रिकॉर्ड और अगले मुकाबले की पूरी डिटेल।

जापान पर आठवीं बार शानदार जीत

HIGHLIGHTS

  • डेब्यूटेंट्स का जलवा, जापान के खिलाफ भारत की प्रचंड जीत
  • जापान को 49-24 से हराकर भारत ने भरी हुंकार
  • एशियन गेम्स में भारत का विजय रथ जारी, जापान पस्त
  • पहले हाफ में आंधी, भारत ने जापान को आसानी से हराया

एशियन गेम्स 2026 कबड्डी टूर्नामेंट में गत चैंपियन भारतीय कबड्डी टीम ने अपने अभियान का आगाज धमाकेदार अंदाज में किया है। मेजबान देश जापान के खिलाफ खेले गए मुकाबले में टीम इंडिया ने 49-24 अंकों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की। पहले हाफ में ही 31-9 की ऊंची बढ़त बनाने वाले भारत ने दूसरे हाफ में भी दबदबा बरकरार रखा और आखिर में 25 अंकों की शानदार जीत हासिल की।

भारत बनाम जापान: एक नजर में

  • फाइनल स्कोर: भारत 49 – जापान 24
  • हाफटाइम स्कोर: भारत 31 – जापान 9
  • दूसरे हाफ के अंक: भारत 18 – जापान 15
  • भारत को 8 ऑल-आउट पॉइंट्स और 2 सुपर टैकल मिले
  • जापान ने 9 बोनस पॉइंट्स बटोरे
  • एशियन गेम्स में जापान पर भारत की लगातार आठवीं जीत

पहला हाफ: डेब्यूटेंट्स का धमाका, भारत 31-9 से आगे

जापान की धरती पर खेले जा रहे इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम उतरते ही हावी होती चली गई। इस मुकाबले में असलम इनामदार, आशु मलिक और अयान लोचब ने दमदार प्रदर्शन किया। अयान लोचब अपना एशियन गेम्स डेब्यू कर रहे थे, लेकिन बड़े मंच का दबाव उन पर जरा भी नहीं दिखा। उन्होंने आते ही अपनी जबरदस्त रेडिंग के दम पर जापानी डिफेंस को बार-बार भेदना शुरू कर दिया।

वहीं देवांक दलाल, जो भी पहली बार एशियाई खेलों में खेल रहे हैं, ने हमलावर अंदाज में खेलते हुए जापान को बैकफुट पर जाने को मजबूर कर दिया। रेडर्स और डिफेंडर्स के शानदार तालमेल का असर यह रहा कि ब्रेक तक भारत 31-9 की मजबूत बढ़त बना चुका था।

दूसरा हाफ: जापान की वापसी की कोशिश

दूसरे हाफ में भारतीय टीम कुछ हल्की पड़ती दिखाई दी और इस मौके का फायदा जापान ने उठाया। मेजबान टीम ने पहले हाफ की तुलना में काफी बेहतर खेल दिखाते हुए इस हाफ में 15 अंक अपने नाम किए। हालांकि भारत ने 18 अंक बटोरे, इसलिए जीत का अंतर बड़ा बना रहा।

इस हाफ में पवन सहरावत उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए, लेकिन दूसरे छोर से असलम इनामदार ने शानदार खेल दिखाकर टीम की पकड़ मजबूत रखी। भारतीय डिफेंस भी असरदार रही — टीम ने कुल 8 ऑल-आउट पॉइंट्स हासिल किए और दो बार सुपर टैकल किए। जापान ने पूरे मैच में 9 बोनस पॉइंट्स अर्जित किए, जो उसके संघर्ष का बड़ा हिस्सा रहे।

भारत बनाम जापान: हेड-टू-हेड रिकॉर्ड में भारत का वर्चस्व

एशियन गेम्स के इतिहास में भारत ने जापान के खिलाफ अब कुल आठवीं जीत अपने नाम की है। खास बात यह है कि एशियाई खेलों में जापान कभी भी भारतीय कबड्डी टीम को हराने में सफल नहीं हो पाया है। यानी दोनों टीमों के बीच का गुणवत्ता अंतर आज भी बरकरार है और यही मैदान पर दिखा भी।

कबड्डी में भारत का एशियन गेम्स इतिहास

एशियन गेम्स में कबड्डी को अब तक 9 बार शामिल किया गया है और इनमें से आठ बार मेंस सेक्शन का गोल्ड मेडल भारत ने जीता है। एकमात्र निराशाजनक पल 2018 एशियन गेम्स था, जब टीम इंडिया सेमीफाइनल में ईरान के हाथों 27-18 से हारकर फाइनल से बाहर हो गई थी। इसके बाद 2022 एशियन गेम्स में भारत ने एक बार फिर गोल्ड मेडल अपने नाम कर दबदबा बहाल किया था। अब सुनील कुमार की कप्तानी में टीम इंडिया कुल नौवीं बार गोल्ड मेडल जीतने का लक्ष्य लेकर उतरी है।

मंगलवार को दक्षिण कोरिया से मुकाबला

इस जीत के बाद भारत का ध्यान अब मंगलवार को दक्षिण कोरिया के खिलाफ होने वाले मुकाबले पर टिक गया है। एशियाई कबड्डी में दक्षिण कोरिया को मुश्किल प्रतिद्वंद्वी माना जाता रहा है, ऐसे में यह टक्कर जापान के मुकाबले कहीं ज्यादा चुनौतीभरी साबित हो सकती है। नौवें गोल्ड के सफर में भारत को दूसरे हाफ में खोए फोकस जैसी कमियों को दूर करते हुए अपनी धार बनाए रखनी होगी।

एशियन गेम्स 2026: भारत के खाते में 6 मेडल

कबड्डी से इतर, एशियन गेम्स 2026 में अब तक भारत की झोली में कुल 6 मेडल आ चुके हैं। इनमें से 5 पदक शूटिंग में मिले हैं, जबकि एक मेडल मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) में हासिल हुआ है। भारत के खाते में फिलहाल 4 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज दर्ज हैं और देश मेडल टेबल में 10वें स्थान पर काबिज है। कबड्डी में गोल्ड जीतने की सूरत में भारत की स्थिति में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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