गडकरी का नागपुर के बुजुर्गों को गणेशोत्सव पर अनूठा ई-बस उपहार!

गणेशोत्सव पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर के वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थयात्रा के लिए नई ई-बस भेंट की। जानें 340 KM रेंज, CSR फंड और 7 साल में 4 लाख बुजुर्गों की निःशुल्क यात्रा की पूरी खबर।

गणेशोत्सव पर नितिन गडकरी का नागपुर के बुजुर्गों को अनमोल तोहफा

HIGHLIGHTS

  • अब और आसान होगी तीर्थयात्रा, नागपुर के बेड़े में 5वीं ई-बस शामिल
  • गडकरी वाड़ा में भव्य समारोह, वरिष्ठ नागरिकों को मिली नई ई-बस
  • निःशुल्क तीर्थयात्रा का सपना होगा पूरा, नागपुर में ई-बस सेवा शुरू
  • अशोक लेलैंड के CSR फंड से नागपुर के बुजुर्गों को ई-बस मिली

गणेशोत्सव के पावन पर्व पर नागपुर के वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक खुशखबरी सामने आई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शहर के बुजुर्गों को धार्मिक तीर्थयात्रा के लिए एक और अत्याधुनिक ई-बस भेंट की है। महल क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक गडकरी वाड़ा में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान यह इलेक्ट्रिक बस वरिष्ठ नागरिक प्रतिष्ठान को सौंपी गई।

इस नई बस के शामिल होने से प्रतिष्ठान के बेड़े में ई-बसों की कुल संख्या बढ़कर पांच हो गई है, जिससे आने वाले समय में और अधिक बुजुर्ग निःशुल्क तीर्थयात्रा का लाभ उठा पाएंगे।

गडकरी वाड़ा में हुआ भव्य समारोह, बड़े नाम रहे मौजूद

बस सौंपने के समारोह में विधायक राजीव पोतदार, अशोक लेलैंड के प्रबंध निदेशक शेणू अग्रवाल, कंपनी के उपाध्यक्ष यशपाल सच्चर, भंडारा प्लांट हेड राजेंद्र चंद्रशेखर टी. उमेश्वर राव, रौनक श्रीवास्तव और प्रीतेष चांडक मौजूद रहे।

इसके अलावा प्रतिष्ठान के सचिव डॉ. राजू मिश्रा, कोषाध्यक्ष अशोक मानकर, ट्रस्टी प्रभाकर येवले, सुनील अग्रवाल, अविनाश घुशे तथा सोनाली घोडमारे भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

“बुजुर्गों के चेहरे की मुस्कान ही असली उपलब्धि”

इस अवसर पर अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के जीवन में खुशियां लौटाना, उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखना और उन्हें सामाजिक गतिविधियों से जोड़े रखना ही इस पूरी व्यवस्था की आत्मा है।

उन्होंने कहा कि बुढ़ापा जीवन का वह दौर है, जब इंसान को परिवार और समाज दोनों से अधिक सहारे की जरूरत होती है। ऐसे में बुजुर्गों को अकेलेपन से बाहर निकालकर एक सक्रिय और सम्मानजनक जीवन देना ही असली सेवा है।

गडकरी ने बताया कि वरिष्ठ नागरिक प्रतिष्ठान लगातार बुजुर्गों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, सांस्कृतिक आयोजन और धार्मिक तीर्थयात्राओं का संचालन करता आ रहा है। इन गतिविधियों से बुजुर्गों को न सिर्फ मानसिक शांति मिलती है, बल्कि वे समाज के साथ जुड़े रहते हैं और अपने जीवन के उत्तरार्ध को सार्थक बनाते हैं।

अशोक लेलैंड के CSR फंड से मिली ‘स्विच मोबिलिटी’ की ई-बस

यह नई इलेक्ट्रिक बस देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी अशोक लेलैंड के कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड के माध्यम से ‘स्विच मोबिलिटी’ ब्रांड के तहत उपलब्ध कराई गई है।

देश के सड़क परिवहन मंत्री होने के नाते नितिन गडकरी खुद इलेक्ट्रिक वाहनों और वैकल्पिक ईंधन के सबसे बड़े समर्थकों में से एक हैं। ऐसे में तीर्थयात्रा के लिए ई-बस का चुनाव उनके पर्यावरण-अनुकूल दृष्टिकोण को भी दर्शाता है। सेवा और स्वच्छता — इन दोनों का संगम यह बस बन गई है।

जानें नई ई-बस की खासियतें

तीर्थयात्राओं को ध्यान में रखकर इस बस को विशेष रूप से तैयार किया गया है। इसकी प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं कि सीटिंग क्षमता एक साथ 45 यात्रियों को बैठने की सुविधा। एक बार फुल चार्ज होने पर 340 किलोमीटर तक का सफर तय करने की क्षमता।

आरामदायक यात्रा लंबी दूरी की धार्मिक यात्राओं के लिए एयर कंडीशनिंग (AC) और पुशबैक सीटें।पर्यावरण अनुकूल बिना धुएं और कम शोर वाली यात्रा, जो बुजुर्गों के स्वास्थ्य के लिहाज से बेहतर मानी जाती है।

7 वर्षों में 4 लाख बुजुर्गों ने तय किया निःशुल्क सफर

वरिष्ठ नागरिक प्रतिष्ठान की निःशुल्क बस सेवा पिछले 7 वर्षों से संचालित हो रही है। इस दौरान नागपुर जिले के लगभग 4 लाख वरिष्ठ नागरिक बिना किसी शुल्क के विभिन्न धार्मिक और दर्शनीय स्थलों की यात्रा कर चुके हैं। कई बुजुर्ग इस सेवा को अपने जीवन का वरदान बताते हैं, क्योंकि आर्थिक कारणों या परिवहन की दिक्कतों की वजह से वे आजीवन अपने मनपसंद तीर्थस्थलों तक नहीं पहुंच पाए थे।

नई ई-बस शामिल होने से अब और अधिक बुजुर्गों को सुरक्षित, आरामदायक और प्रदूषण-मुक्त यात्रा का अवसर मिलेगा। साथ ही तीर्थयात्राओं की संख्या में भी उम्मीद के मुताबिक इजाफा होगा।

बढ़ेगी सेवा की रफ्तार

इस नई बस के शामिल होने के साथ ही वरिष्ठ नागरिक प्रतिष्ठान के बेड़े में अब कुल 5 ई-बसें हो गई हैं। अधिक वाहनों की उपलब्धता का सीधा फायदा बुजुर्गों को मिलेगा, क्योंकि अब प्रतिष्ठान एक साथ बड़े समूह को यात्रा की सुविधा दे पाएगा और अलग-अलग स्थानों पर एक साथ यात्राएं आयोजित कर सकेगा।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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