भागलपुर में बड़ा हादसा: पोखर में डूबने से छह बच्चों की मौत

बिहार के भागलपुर जिले के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र में पोखर में डूबने से छह बच्चों की मौत हो गई। करमा-धरमा पर्व पर स्नान करने गए बच्चों में तीन लड़के और तीन लड़कियां शामिल थे।

करमा-धरमा पर्व की खुशियां मातम में बदलीं, छह बच्चों की गई जान

HIGHLIGHTS

  • एक को बचाने में डूबे छह बच्चे, सुल्तानगंज में पसरा मातम
  • एक ही परिवार के दो भाई-बहनों समेत छह बच्चों की दर्दनाक मौत
  • भागलपुर में दिल दहला देने वाला हादसा, पोखर में डूबे छह बच्चे
  • त्योहार के दिन उजड़ गईं कई गोद, छह बच्चों की डूबकर मौत

बिहार के भागलपुर जिले में आज एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया. जिले के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत तरैटा बहियार स्थित एक पोखर में डूबने से छह बच्चों की मौत हो गई. मृतकों में तीन लड़के और तीन लड़कियां शामिल हैं, जिनकी उम्र करीब 12 से 13 साल बताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, सभी बच्चे करमा-धरमा पर्व के अवसर पर पोखर में स्नान करने पहुंचे थे। भागलपुर हादसे की सूचना मिलते ही गांव और आसपास के गांवों में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग पोखर के किनारे उमड़ पड़े।

जाने क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, त्योहार के दिन ये सभी बच्चे आपस में मिलकर तरैटा बहियार स्थित पोखर पर पहुंचे थे। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन अचानक एक बच्चा पोखर के गहरे पानी के हिस्से में पहुंच गया।

उसे डूबता देखकर बाकी बच्चे उसकी जान बचाने की कोशिश में एक-एक करके पानी में कूद पड़े। कम उम्र और तैरना न आने की वजह से कोई भी बच्चा पानी से बाहर निकल नहीं पाया। इसी तरह एक-एक करके छह बच्चों की जान चली गई।

मृतक बच्चों की पहचान

हादसे में मारे गए बच्चों की पहचान ज्योति कुमारी, मीनाक्षी कुमारी, पूजा कुमारी, आयुष कुमार, राहुल कुमार और विकास कुमार के रूप में हुई है। ज्योति कुमारी को छोड़कर शेष सभी बच्चे विष्णु टोला स्थित वार्ड नंबर 27 के निवासी थे। ज्योति आसपास के सबौर गांव की रहने वाली थी, जो अपने रिश्तेदारों के घर आई हुई थी। मृतकों में राहुल और पूजा असली भाई-बहन थे, जिससे इस परिवार का दुख आंसुओं का समंदर बन गया है। सभी बच्चे अलग-अलग परिवारों से संबंध रखते थे।

गांव में मातम का माहौल, परिजनों का बुरा हाल

करमा-धरमा पर्व की तैयारी में जहां घर-घर उत्साह और खुशियों का माहौल था, वहीं अब हर तरफ चीख-पुकार और मातम छाया हुआ है। बच्चों के शव देखकर माताओं और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

किसी की गोद खाली हो गई तो किसी के घर का चिराग बुझ गया। दो भाई-बहनों की एक साथ मौत ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। देखते ही देखते त्योहार की रौनक गम के आंसुओं में डूब गई।

डॉक्टरों ने दी मौत की पुष्टि

स्थानीय लोगों ने बच्चों को पोखर से बाहर निकाला और उन्हें तत्काल रेफरल अस्पताल ले जाया गया। लेकिन वहां चिकित्सकों ने जांच-पड़ताल के बाद सभी छह बच्चों को मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार, सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। डूबने से हुई मौत का अंदेशा जताया जा रहा है, जिसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी।

मौके पर पहुंची पुलिस-प्रशासन की टीम

घटना की सूचना मिलते ही सुल्तानगंज थाना क्षेत्र की पुलिस और प्रशासन के पदाधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए। पुलिस मामले की जांच में जुटी है कि आखिर हादसा किस तरह हुआ और पोखर के गहरे हिस्से में कोई सुरक्षा चेतावनी लगाई गई थी या नहीं।

अधिकारियों ने परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की है। अब इस भागलपुर हादसे पर सोशल मीडिया पर भी लोगों की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं और लोग तालाबों-पोखरों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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