आज के समय मार्केट में हजारों तरह के शैंपू उपलब्ध हैं, लेकिन इनमें सल्फेट, पैराबेन और सिलिकॉन जैसे केमिकल छिपे होते हैं, जो लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर बालों को कमजोर कर सकते हैं।
ऐसे में अगर आप सोच रहे हैं कि घर पर देसी शैंपू कैसे बनाएं, तो दादी-नानी के जमाने का आंवला, रीठा और शिकाकाई वाला नुस्खा सबसे बेहतर जवाब है। यह नेचुरल शैंपू न सिर्फ बालों को साफ करता है, बल्कि उन्हें अंदर से पोषण देकर नेचुरल शाइन भी देता है।
केमिकल शैंपू से क्यों है परेशानी?
मार्केट के ज्यादातर शैंपू में तेज झाग लाने के लिए सल्फेट का इस्तेमाल होता है, जो स्कैल्प के नेचुरल ऑयल को धो देता है। नतीजा – रूखे बाल, रूसी, बालों का झड़ना और सफेद बाल समय से पहले दिखने लगते हैं। वहीं आंवला-रीठा-शिकाकाई वाला देसी शैंपू बिना किसी साइड इफेक्ट के बालों की हर समस्या पर असरदार साबित होता है।
आंवला, रीठा और शिकाकाई – तीनों के अलग-अलग फायदे
- आंवला: विटामिन सी और एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर आंवला बालों की जड़ों को मजबूत करता है और समय से पहले आने वाले सफेद बालों से बचाता है।
- रीठा: इसमें प्राकृतिक सैपोनिन होता है, जो झाग बनाता है और स्कैल्प की गंदगी को हल्के हाथों से साफ करता है।
- शिकाकाई: बालों को मुलायम और घना बनाने में शिकाकाई का कोई जवाब नहीं। यह रूसी कम करने में भी मददगार है।
घर पर देसी शैंपू बनाने के लिए जरूरी सामग्री
- सूखा आंवला – 50 ग्राम
- सूखा रीठा – 50 ग्राम
- सूखी शिकाकाई – 50 ग्राम
- पानी – 1 लीटर
तीनों सामग्री किसी भी आयुर्वेदिक दुकान या सुपरमार्केट से आसानी से मिल जाती हैं।
आंवला-रीठा-शिकाकाई शैंपू बनाने की विधि – स्टेप बाय स्टेप
स्टेप 1: सामग्री को रातभर भिगोएं
आंवला, रीठा और शिकाकाई को बराबर मात्रा में लेकर एक बर्तन में डालें। उसमें 1 लीटर पानी भरकर रातभर के लिए ढककर रख दें। भिगोने से तीनों चीजें नरम हो जाती हैं और उनके गुण पानी में आसानी से निकलते हैं। समय कम हो तो 4-5 घंटे भी भिगो सकते हैं।

स्टेप 2: सुबह धीमी आंच पर उबालें
अगली सुबह उसी पानी के साथ बर्तन को गैस पर रखें और धीमी आंच पर 20 से 30 मिनट तक उबालें। जब पानी का रंग गहरा भूरा हो जाए और सामग्री बिल्कुल नरम हो जाए, तो गैस बंद कर दें और मिश्रण को गुनगुना होने दें।
स्टेप 3: मसलकर अर्क निकालें
जब मिश्रण छूने लायक ठंडा हो जाए, तो हाथों से आंवला, रीठा और शिकाकाई को अच्छी तरह मसलें। इससे उनका पूरा अर्क पानी में आ जाएगा और मिश्रण गाढ़ा होगा।
स्टेप 4: छानकर बोतल में भरें
अब इस मिश्रण को बारीक छलनी या साफ मलमल के कपड़े से छान लें। छानने के बाद जो लिक्विड बचेगा, वही आपका नेचुरल देसी शैंपू है। इसे साफ और सूखी बोतल में भरकर फ्रिज में रखें।
देसी शैंपू का सही इस्तेमाल कैसे करें?
- पहले बालों को सादे पानी से अच्छी तरह गीला करें।
- तैयार शैंपू को स्कैल्प और बालों की जड़ों पर धीरे-धीरे लगाएं।
- उंगलियों से 2-3 मिनट हल्की मालिश करें।
- सादे पानी से बाल धो लें।
रीठा की वजह से इसमें हल्का झाग बनता है और बाल धोने के बाद कुरकुरे नहीं होते। हफ्ते में 2 बार इस्तेमाल करना सबसे उचित है।
शैंपू को स्टोर करने से जुड़े जरूरी टिप्स
- इस नेचुरल शैंपू में कोई प्रिजर्वेटिव नहीं होता, इसलिए इसे फ्रिज में रखें और 7-10 दिन के अंदर इस्तेमाल कर लें।
- हर बार बोतल का ढक्कन अच्छी तरह बंद रखें।
- ज्यादा मात्रा एक साथ बनाने की बजाय हर हफ्ते ताजा शैंपू बनाएं।
किन बातों का रखें ध्यान?
- रीठा आंखों में जाने से चुभन हो सकती है, इसलिए ध्यान रखें।
- बालों में हेना लगी हो तो रीठा-शिकाकाई का इस्तेमाल कुछ दिन बाद करें।
- पहली बार इस्तेमाल से पहले स्किन पैच टेस्ट जरूर करें।

























