संध्या समय न्यूज
बिहार की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर होने की सूचना है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा चुनाव लड़ने का फैसला तय हो चुका है। आज सुबह 11:30 बजे वे बिहार विधानसभा पहुंचकर अपना नामांकन दाखिल करेंगे। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित शाह भी मौजूद रहेंगे, जिससे राज्य की सत्ता में नए सिरे से गठबंधन की चर्चाओं को बल मिला है।
नामांकन का कार्यक्रम और उपस्थिति
जानकारी के मुताबिक, नीतीश कुमार जदयू (JDU) के उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल करेंगे। उनके साथ ही पार्टी के दूसरे उम्मीदवार रामनाथ ठाकुर भी अपना नामांकन दाखिल करेंगे। पार्टी प्रवक्ताओं ने पार्टी के प्रमुख नेताओं को इस दौरान मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में, भाजपा (BJP) की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और शिवेश कुमार अपना नामांकन दाखिल करेंगे। वहीं, राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा भी अपनी उम्मीदवारी दर्ज कराएंगे।
सरकार गठन का फार्मूला सामने आया?
नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने के फैसले ने बिहार में नई सरकार के गठन की चर्चाओं को हवा दे दी है। सूत्रों का कहना है कि नामांकन के बाद सीएम नीतीश कुमार और एनडीए (NDA) के अन्य नेताओं के साथ अमित शाह की बैठक हो सकती है। माना जा रहा है कि इस बैठक में नई सरकार के गठन का फार्मूला तय होगा। राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है कि अगर नीतीश कुमार राज्यसभा चले जाते हैं, तो बिहार में मुख्यमंत्री की कुर्सी भाजपा के हिस्से में आ सकती है। वहीं, जदयू को दो डिप्टी सीएम पद मिलने की संभावना है।
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जदयू में हलचल और नेताओं का बयान
इस बड़े फैसले से पहले जदयू में काफी हलचल देखी गई। बुधवार को पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के आवास पर वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई, जिसमें इस मुद्दे पर गहरा मंथन किया गया। पार्टी के भीतर इस फैसले को लेकर नाराजगी की आशंका को देखते हुए नेताओं ने नुकतानी की। बैठक के बाद जदयू के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि नीतीश कुमार अपनी मर्जी से राज्यसभा जा रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत की राजनीतिक एंट्री को लेकर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है।



















