महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में गणेशोत्सव की धूमधाम के बीच एक दिलदहला देने वाली घटना सामने आई है। दक्षिण मुंबई के भीड़-भाड़ वाले भुलेश्वर इलाके में शनिवार की रात्रि ‘भुलेश्वरचा राजा’ की भव्य गणेश प्रतिमा के आगमन के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। जुलूस के रास्ते में अचानक प्रतिमा के गिर जाने से लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में दो लोगों की जान चली गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
जाने घटना की पूरी कहानी
बता दें कि यह भयानक हादसा शनिवार देर रात करीब 10 बजे घटित हुआ। भुलेश्वर के जय अंबे चौक स्थित कबूतरखाना के समीप, बलराम मर्चेंट रोड पर गणेश प्रतिमा को ले जाया जा रहा था। उत्साह से भरे श्रद्धालुओं का हुजूम प्रतिमा के चारों ओर मौजूद था। तभी अचानक भारी वजन की वजह से प्रतिमा असंतुलित होकर नीचे गिर गई। प्रतिमा के गिरने की चपेट में आस-पास खड़े कई लोग आ गए, जिससे मौके पर अंधेरा छा गया और चीख-पुकार मच गई।
शहीद हुए उत्साह: मृतकों की पहचान
हादसे के बाद तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया, लेकिन दो लोगों को बचाया नहीं जा सका। नगर निकाय और पुलिस अधिकारियों ने मृतकों की पहचान 33 वर्षीय संकेत नेवशे और 30 वर्षीय बृजेश हेमंत जोशी के रूप में की है। दोनों युवक उत्सव की रौनक में शामिल होने अपने घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौट पाए।
घायलों की सूची में दो मासूम भी शामिल
इस दर्दनाक घटना में जो पांच लोग घायल हुए हैं, उनमें दो बच्चियां भी शामिल हैं, जिसने पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी है। घायलों की पहचान इस प्रकार है वैभव घेनंद (38 वर्ष),पवन चौरसिया (25 वर्ष), कुणाल काशिद (26 वर्ष), लावण्या गनेर (मात्र 5 वर्षीय बच्ची), दिव्या गनेर (मात्र 7 वर्षीय बच्ची) नगर निकाय के अधिकारियों के अनुसार, सभी पांचों घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है और डॉक्टरों की टीम उन पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
तेजी से पहुंची राहत टीमें, लेकिन देर हो चुकी थी
हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन पूरी तरह से एक्टिव हो गया। मुंबई दमकल विभाग (Fire Brigade), स्थानीय पुलिस, यातायात पुलिस, 108 एंबुलेंस सेवा और बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के वार्ड कर्मचारियों को तुरंत मौके पर बुलाया गया। भीड़ को नियंत्रित करते हुए राहत एवं बचाव दल ने मलबे और प्रतिमा के बीच फंसे लोगों को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला।
जांच के दायरे में सुरक्षा व्यवस्था और ढांचा
फिलहाल पुलिस और प्रशासन इस बात की जांच में जुट गया है कि आखिर ऐसी कौन सी परिस्थितियां बनीं जिससे यह भारी प्रतिमा अचानक गिर गई। सूत्रों के अनुसार, प्रतिमा को ले जाने वाले ढांचे (स्ट्रक्चर) की मजबूती, भार उठाने की क्षमता और भीड़-नियंत्रण के मानकों की पड़ताल की जा रही है। यह स्पष्ट किया जाना बाकी है कि क्या लापरवाही के चलते यह हादसा हुआ है।
मुंबई के गणेशोत्सव और बदलती परिस्थितियां
मुंबई और पूरे महाराष्ट्र में गणेशोत्सव का अपना एक अलग और विशाल स्वरूप है। यह त्योहार सिर्फ धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां सामुदायिक जुड़ाव और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है। दस दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में ‘भुलेश्वरचा राजा’ जैसे प्रतिष्ठित पंडालों की शोभायात्राओं में हजारों की संख्या में लोग शामिल होते हैं। ढोल-ताशे की गूंज और भक्ति गीतों के बीच भक्त बप्पा का स्वागत करते हैं।
हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में प्रतिमाओं के आकार और ऊंचाई में भारी वृद्धि हुई है। भीड़ के बीच इतनी भारी प्रतिमाओं को ले जाना हर बार चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। भुलेश्वर जैसे घनी आबादी वाले और संकरे गलियों वाले इलाकों में ऐसी शोभायात्राएं निकालने में सुरक्षा के मानकों का पालन करना और भी जरूरी हो जाता है।

























