ऋषी तिवारी
भारतीय किसान यूनियन मंच ने भारत-अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते (ट्रेड डील) का तीखा विरोध किया है। संगठन ने आरोप लगाया है कि यह समझौता भारतीय किसानों की कमर तोड़ने वाला साबित होगा। इस संबंध में संगठन ने आज सुबह 11 बजे सेक्टर-19 स्थित सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल त्यागी के नेतृत्व में पहुंचे पदाधिकारियों और किसानों ने सिटी मजिस्ट्रेट आनंद मिश्रा को यह ज्ञापन सौंपा। इस दौरान अध्यक्ष विमल त्यागी ने कहा कि भारत-अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील ने किसानों के लिए संकट पैदा कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान केंद्र सरकार ने अमेरिकी किसानों के लिए जीरो टैरिफ लागू कर व्यापार के दरवाजे खोल दिए हैं, जिससे देश के किसानों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। उन्होंने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और यहां 70 प्रतिशत रोजगार कृषि क्षेत्र से जुड़ा है। ऐसे में यह समझौता न केवल किसानों के लिए बल्कि देश के भविष्य के लिए भी खतरनाक है।

‘ईस्ट इंडिया कंपनी की तर्ज पर अमेरिकी हस्तक्षेप’
इस मौके पर संगठन के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अशोक चौहान ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने स्थिति की तुलना अंग्रेजों के काल से करते हुए कहा, “जब ईस्ट इंडिया कंपनी आई थी, तब लंदन से नियम बनकर भारत में लागू होते थे। आज स्वतंत्र भारत में फैसले अमेरिका के दबाव में लिए जा रहे हैं, जो बहुत घातक है।” चौहान ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब ‘मेक इन इंडिया’ और ‘विदेशी छोड़ो देशी अपनाओ’ का नारा दिया जा रहा है, तो फिर विदेश से कृषि और डेयरी उत्पादन क्यों मंगाया जा रहा है? उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री देश के हित में निर्णय लेने में सक्षम नहीं हैं।
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सरकार से चेतावनी
बीकेयू मंच ने प्रधानमंत्री से नैतिकता के आधार पर त्यागपत्र देने और देश के किसानों से माफी मांगने की मांग की है। संगठन ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर अमेरिका से की गई ट्रेड डील में संशोधन नहीं किया गया या इसे वापस नहीं लिया गया, तो संगठन देश के अन्य किसान संगठनों के साथ मिलकर केंद्र सरकार के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी। इस मौके पर विक्रम यादव, चरण सिंह प्रधान, सूरज प्रधान, रिंकू यादव, आशीष चौहान, गजेंद्र बसोया, बीर सिंह चौहान, प्रिंस भाटी, लिटी यादव, अमित बैसौया, मांगेराम, सुधीर शर्मा, मुनेश प्रधान सहित अन्य किसान मौजूद रहे।



















