संध्या समय न्यूज
Bihar News : बिहार में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी गलियारों में तेज गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। विपक्ष की ओर से एक सीट जीतने के लिए जरूरी संख्या के आकड़ों को देखते हुए AIMIM और RJD के बीच तालमेल की चर्चाएं तेज हो गई हैं। आरजेडी (RJD) के नेता तेजस्वी यादव और AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान के बीच हुई मुलाकात के बाद सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। इसी कड़ी में अख्तरुल ईमान ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए एक अहम बयान दिया है।
तेजस्वी से हुई सकारात्मक बातचीत, फैसला ओवैसी पर
AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने तेजस्वी यादव से हुई मुलाकात पर कहा कि पिछले दिनों कई लोगों से बात हुई, लेकिन तेजस्वी यादव से खुलकर और सकारात्मक बातचीत हुई है। उन्होंने साफ़ किया कि अंतिम फैसला पार्टी अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के संकेत पर होगा। अख्तरुल ईमान ने कहा, “हमने उनसे समय लिया है कि हम इस संबंध में अपने विधायकों से मशवरा कर लें और असदुद्दीन ओवैसी से बात कर लेंगे। फिर उसके बाद अपने निर्णय से सबको अवगत करा देंगे। बात करने वाले तो कई लोग हैं, लेकिन विस्तार से अभी तेजस्वी यादव से बात हुई है।”
तेजस्वी यादव ने दिखाई जीत की सकारात्मक तस्वीर
इस मुलाकात के बाद तेजस्वी यादव भी काफी आशान्वित दिखे। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि अख्तरुल ईमान से सकारात्मक बातचीत हुई है। तेजस्वी ने बताया कि उन्हें 15 मार्च को होने वाली इफ्तार पार्टी में भी आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा, “हमलोग दावत में 15 तारीख को जाएंगे और चुनाव भी जीतेंगे।” बता दें कि मैदान में 6 उम्मीदवार उतरने के बाद राज्यसभा चुनाव में वोटिंग का दौर तय हो गया है।
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समझें राज्यसभा चुनाव का सियासी गणित
बिहार में राज्यसभा चुनाव में एक सीट जीतने के लिए किसी भी उम्मीदवार को 41 विधायकों का समर्थन चाहिए। 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में इस समय एनडीए (NDA) के पास कुल 202 विधायक हैं।
- NDA की स्थिति: 202 विधायकों के साथ एनडीए आसानी से 4 सीटें जीत सकता है। वहीं, पांचवीं सीट जीतने के लिए उसे तीन अन्य विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी।
- विपक्ष की स्थिति: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेतृत्व वाले महागठबंधन के पास कुल 35 विधायक हैं। एक सीट जीतने के लिए उसे 6 अन्य विधायकों की जरूरत है।
AIMIM और BSP का रोल क्रूशियल
सियासी गणित के मुताबिक, अगर महागठबंधन को AIMIM के 5 विधायकों और BSP के एक विधायक का समर्थन मिल जाता है, तो उसकी संख्या 41 पहुंच जाएगी, जिससे एक सीट पर जीत दर्ज करना आसान हो सकेगा। यही वजह है कि AIMIM का समर्थन इस चुनाव में अहम साबित हो सकता है।
























