संध्या समय न्यूज
Bihar News : बिहार के भागलपुर जिले के पीरपैंती थाना क्षेत्र में एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने सभी को दंग रख दिया है। एक मज़बूत दोस्ती का अंजाम खूनी इंतज़ार में बदल गया, जब एक ऑनलाइन गेम (लूडो) के दौरान छिटपुट बहस ने एक युवक की जान ले ली। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले का पर्दाफाश करते हुए 24 घंटे के अंदर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या थी वारदात?
पुलिस के मुताबिक, मृतक ऋषभ झा (30), जो पूर्व फौजी दिलीप कुमार झा का बेटा और प्रॉपर्टी कारोबारी था, अपने दोस्तों के साथ लूडो खेल रहा था। खेल के दौरान मुख्य आरोपी सौरभ साह उर्फ मयंक गुप्ता की हार के करीब थी और उसकी आखिरी गोटी बची थी। तभी सौरभ ने मजाकिया अंदाज में ऋषभ से कहा, “लास्ट गोटी है दोस्त, मत काटना, वरना गोली मार दूंगा।”
मामूली लगने वाली इस बात को ऋषभ ने गंभीरता से नहीं लिया और उसने अपनी चाल चलते हुए सौरभ की वह आखिरी गोटी काट दी। इसपर सौरभ इतना अपमानित और आक्रोशित महसूस करने लगा कि उसने तुरंत पिस्टल निकालकर ऋषभ पर गोली चला दी। गोली लगने से गंभीर रूप से घायल ऋषभ का बाद में इलाज के दौरान निधन हो गया।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे, लेकिन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के अंदर मुख्य आरोपी सौरभ सहित पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी सौरभ को जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर से और उसके चार साथियों— भानु कुमार, प्रीतम कुमार, राहुल रंजन और दीपक कुमार को पीरपैंती रेलवे स्टेशन के पास से पकड़ा। पुलिस ने आरोपियों के पास से हत्या का हथियार (पिस्टल), तीन जिंदा कारतूस, एक खोखा और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
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सिर्फ खेल नहीं, थी साजिश भी
पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रमोद कुमार यादव ने इस मामले में एक और अहम खुलासा किया। उन्होंने बताया कि यह हत्या सिर्फ लूडो की गोटी काटने के गुस्से में नहीं हुई, बल्कि इसके पीछे कुछ और गहरी साजिश थी। ऋषभ और सौरभ दोनों प्लॉटिंग (प्रॉपर्टी) का काम करते थे। सौरभ का कुछ पैसा ऋषभ के पास बकाया था, जिसे लेकर दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी सौरभ ने इसी विवाद को खत्म करने के लिए अपने दोस्तों के साथ मिलकर लूडो खेलने के बहाने ऋषभ की हत्या की साजिश रची थी। घटना के बाद आरोपियों ने इसे छिपाने की भी कोशिश की थी और घायल ऋषभ को पहले निजी अस्पताल ले गए थे, जहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।



















