राज्यसभा की 5 सीटें, कांग्रेस में संघर्ष

राहुल का फैसला होगा निर्णायक (फाइल फोटो)

ऋषी तिवारी


राज्यसभा की 37 सीटों के लिए होने वाले चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी में गहरी माथापच्ची जारी है। पार्टी के पास जहां एक तरफ युवा नेताओं को आगे लाने का दबाव है, तो वहीं दूसरी तरफ अनुभवी नेताओं को भी नजरंदाज नहीं किया जा सकता। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या राहुल गांधी की रणनीति पार्टी के भीतर मौजूद इस ‘अनार सौ बीमार’ वाली स्थिति का समाधान कर पाएगी?

5 सीटों के लिए जंग, 16 तारीख को मतदान

इस महीने 16 तारीख को 10 राज्यों की 37 सीटों के लिए मतदान होना है, जबकि नामांकन की अंतिम तारीख 9 मार्च है। कांग्रेस के नजरिए से देखें तो पार्टी को इस बार 5 सीटें मिलनी तय हैं। इनमें तेलंगाना से 2 सीटें, जबकि छत्तीसगढ़, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश से 1-1 सीट शामिल हैं। वर्तमान में कांग्रेस के 4 सांसदों—अभिषेक मनु सिंघवी, के.टी.एस. तुलसी, फूलो देवी नेताम और रजनी पाटिल—का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।

सिंघवी की वापसी तय, बाकी सीटों पर सुरसुराहट

खबरों के मुताबिक, तेलंगाना से अभिषेक मनु सिंघवी को दोबारा राज्यसभा भेजा जाना तय माना जा रहा है। लेकिन बाकी बची हुई 4 सीटों को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सोनिया गांधी के सामने बड़ी चुनौती है। पार्टी में दो धड़ों के बीच अप्रत्यक्ष युद्ध छिड़ा हुआ है।

यह भी पढ़ें : संयुक्ता ने तब्बू के साथ काम का जिक्र किया

राहुल गांधी का ‘आक्रामक’ एजेंडा

सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी चाहते हैं कि राज्यसभा में भी लोकसभा जैसा आक्रामक रवैया अपनाया जाए। उनका मानना है कि जिस तरह मणिकम टैगोर, वर्षा गायकवाड़ और ज्योतिर्मणि जैसे सांसदों ने लोकसभा में सरकार को घेरने में सफलता पाई है, वैसी ही ऊर्जा राज्यसभा में भी होनी चाहिए। इसके लिए वे युवा और उर्जावान नेताओं को मैदान में उतारने के पक्ष में हैं। इसी के चलते दो युवा पार्टी प्रवक्ताओं के नामों पर गंभीर विचार किया जा रहा है।

बुजुर्गों का दबाव और संतुलन

वहीं, पार्टी का दूसरा धड़ा अनुभव और युवाओं के बीच संतुलन बनाने की बात कर रहा है। इस ग्रुप की मांग है कि युवाओं के साथ-साथ बुजुर्ग नेताओं को भी मौका दिया जाए। चर्चा है कि हरियाणा से एक अभिनेता, जिसने पिछला लोकसभा चुनाव लड़ा था, को टिकट मिल सकती है। वहीं, दो-तीन राज्यों के पूर्व मुख्यमंत्रियों और एक उपमुख्यमंत्री के नाम भी दावेदारी में हैं।

राज्यसभा का गणित

राज्यसभा का वर्तमान संख्याबल देखें तो एनडीए के पास 134 सांसद हैं (जिसमें भाजपा के 103 शामिल हैं)। वहीं, इंडिया गठबंधन के पास कुल 79 सीटें हैं, जिसमें से 27 कांग्रेस के पास हैं। इसके अलावा बीजेदा, वाईएसआर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी समेत 30 अन्य पार्टियों के सांसद हैं, जो किसी गठबंधन में नहीं हैं।

आखिर किसकी चलेगी?

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि राहुल गांधी अपनी ‘आक्रामक छवि’ वाले नेताओं को आगे बढ़ाने में कितने कामयाब हो पाते हैं, या फिर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का दबाव रंग लाता है। नामांकन की अंतिम तारीख नजदीक आने के साथ ही कांग्रेस शिविर में सियासी तिलस्म टूटने का इंतजार है।

Sandhya Samay News

संध्या समय न्यूज़ – आपके विश्वास की आवाज़ संध्या समय न्यूज़ की स्थापना वर्ष 2018 में की गई, जो कि MSME में विधिवत रूप से पंजीकृत है। हमारा उद्देश्य समाज तक सटीक, निष्पक्ष और भरोसेमंद समाचार पहुँचाना है। हम देश-प्रदेश की ताज़ा खबरों, सामाजिक मुद्दों, और जनहित से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को आपके सामने सरल और स्पष्ट रूप में प्रस्तुत करते हैं। हम अपने सभी दर्शकों और पाठकों का दिल से आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने हमें लगातार देखा, समझा और अपना विश्वास बनाए रखा। आपकी यही सराहना और समर्थन हमें और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करता है। संध्या समय न्यूज़ हमेशा सत्य, निष्पक्षता और जनसेवा के मूल्यों पर कार्य करता रहेगा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now