ऋषि तिवारी
नई दिल्ली। भोजपुरी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ती नजर आ रही है। इसी क्रम में द्वारका स्थित दादा देव मेला ग्राउंड में पूर्वांचल एकता मंच द्वारा दो दिवसीय विश्व भोजपुरी सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसकी शुरुआत शनिवार 12 तारीख को हुई।
इस सम्मेलन में कई प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया, जिनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री Ravi Shankar Prasad की उपस्थिति खास रही। कार्यक्रम के दौरान भोजपुरी साहित्य को समर्पित दो पुस्तकों—‘भोजपुरिया अमन’ और ‘रेड लाइट’—का विमोचन भी किया गया।
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रविवार को आयोजित समापन समारोह में दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta, दिल्ली सरकार के मंत्री Kapil Mishra और सांसद एवं अभिनेत्री Hema Malini शामिल हुईं। सभी ने भोजपुरी भाषा और संस्कृति के महत्व पर जोर दिया।
पूर्वांचल एकता मंच के अनुसार, भोजपुरी भाषा न केवल भारत के बिहार और उत्तर प्रदेश में बल्कि दुनिया के कई देशों में बोली जाती है। अनुमान है कि करीब 20 करोड़ से अधिक लोग भोजपुरी भाषा, साहित्य और संस्कृति से जुड़े हुए हैं।
संगठन का कहना है कि भोजपुरी साहित्य बेहद समृद्ध और ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण है। विभिन्न सरकारों द्वारा समय-समय पर इसे संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग का समर्थन किया गया है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
सम्मेलन के माध्यम से एक बार फिर केंद्र सरकार से इस मांग को जल्द पूरा करने की अपील की गई है। आयोजकों का मानना है कि भोजपुरी को संवैधानिक मान्यता मिलने से भाषा और संस्कृति के संरक्षण को नई दिशा मिलेगी।
























