वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (VIT) के भव्य परिसर में हाल ही में आयोजित 41वें वार्षिक दीक्षांत समारोह (41st Annual Convocation) ने न केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता का जश्न मनाया, बल्कि भारत के भविष्य की नई रूपरेखा भी प्रस्तुत की। इस ऐतिहासिक अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुईं। उन्होंने उपस्थित हजारों युवा स्नातकों से सीधा संवाद करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उन्हें राष्ट्र निर्माण की अनूठी जिम्मेदारी सौंपी।
जिम्मेदारी का बोझ और समाज के प्रति ऋण
दीक्षांत समारोह किसी व्यक्ति के जीवन में एक महत्वपूर्ण मोड़ होता है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन में इसी भावना को मुखरित किया। उन्होंने कहा कि दीक्षांत का अर्थ केवल एक कागज या डिग्री हासिल करना नहीं है, बल्कि इसके साथ जीवन की एक नई और बड़ी जिम्मेदारी की शुरुआत होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज जिन युवा हाथों में डिग्री, पदक और सम्मान हैं, वे कल केवल खुद के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए निर्णय लेंगे। उनके विचार, उनके अंदर के नवाचार (Innovation) और उनकी सोच ही आने वाले समय में भारत की दिशा और गति तय करेंगी।
विकसित भारत का सपना और युवाओं की भूमिका
रेखा गुप्ता ने अपने भाषण के दौरान राष्ट्रीय संदर्भों को गहराई से छुआ। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश एक नए युग में कदम रख रहा है। ‘विकसित भारत’ (Developed India) के संकल्प को साकार करने के लिए जिस आत्मविश्वासी युवा शक्ति की आवश्यकता है, वह आज इन ही कक्षाओं और इन्हीं दीक्षांत समारोहों से निकलकर सामने आ रही है।
वेलूर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (VIT) के 41वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों से संवाद किया। आप सभी को बहुत-बहुत बधाई और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ।
दीक्षांत के साथ जीवन की एक नई जिम्मेदारी शुरू होती है। आज जिन युवाओं के हाथ में डिग्री और मेडल हैं, कल उनके… pic.twitter.com/CBZvH7c6kp
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) August 22, 2026
उन्होंने छात्रों पर भरोसा जताते हुए कहा कि यह युवा शक्ति भविष्य में विकसित भारत की सबसे बड़ी और अकिंचन ताकत बनेगी। प्रधानमंत्री जी के ‘जन भागीदारी’ और ‘युवा-केंद्रित नीतियों’ ने देश के युवाओं को सिर्फ नौकरी खोजने वालों से नौकरी देने वालों (रोजगार सृजक) के रूप में बदल दिया है, और VIT के ये छात्र इसी परिवर्तन के अग्रदूत हैं।
भारत के अगले नवाचारी और राष्ट्र निर्माता
समारोह में अपने संबोधन के दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री ने VIT की शैक्षणिक बदौलत की प्रशंसा करते हुए एक अहम बिंदु पर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में VIT जैसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान सिर्फ डिग्री धारी ग्रेजुएट्स (Degree Holders) तैयार नहीं कर रहे हैं, बल्कि ये संस्थान ‘India’s next generation of innovators and nation-builders’ (भारत की अगली पीढ़ी के नवाचारियों और राष्ट्र निर्माताओं) की फैक्ट्री के रूप में काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जब तकनीक और मानवीय संवेदना का यह अनूठा संगम नहीं होगा, तब तक सच्चे अर्थों में राष्ट्र निर्माण संभव नहीं है। VIT ने अपनी पाठ्यक्रम रचना, शोध कार्य और उद्योग-अकादमी के बीच की साझेदारी के माध्यम से यह काम बखूबी किया है।
डॉ. जी विश्वनाथन का योगदान
इस भव्य आयोजन में VIT के संस्थापक और कुलाधिपति (Chancellor) डॉ. जी. विश्वनाथन जी की अगुवाई में विश्वविद्यालय के पूरे शासन मंडल ने शिरकत की। रेखा गुप्ता ने डॉ. विश्वनाथन के प्रति अपना आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एक छोटे से शहर से शुरू करके विश्व स्तरीय संस्थान को यह मुकाम दिलाना किसी चमत्कार से कम नहीं है।
इसके अलावा, समारोह में अनेक गणमान्य जन, शिक्षाविदों, उद्योगपतियों और अभिभावकों की उपस्थिति ने इस गौरवशाली अवसर की शोभा को और बढ़ा दिया। स्टेज पर मौजूद दिग्गजों के सानिध्य में डिग्री और स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले छात्रों के चेहरों पर गर्व और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था।

























