UP News: उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए एक शर्मनाक खुलासा सामने आया है, जहां बिजनौर की स्थानीय पुलिस ने अपनी लापरवाही और अक्षमता की पराकाष्ठा का परिचय दिया है। एक शातिर आतंकी संपर्की (Handler) ने दुबै से बैठकर सिर्फ एक ‘वीडियो कॉल’ के जरिए पुलिस को बेवकूफ बना दिया और असली AK-47 और हैंड ग्रेनेड को ‘प्लास्टिक का खिलौना’ और ‘परफ्यूम की बोतल’ करार दिला कर मामले को रफा-दफा करवा लिया। हालांकि, एटीएस (ATS) की जांच में जब इस मामले का असली और भयावह आतंकी कनेक्शन सामने आया, तो पुलिस महकमे में भूचाल आ गया।
मामले की शुरुआत: वायरल हुआ था खतरनाक वीडियो
बता दें कि पूरा मामला नवंबर महीने का है, जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। इस वीडियो में मूल रूप से मेरठ निवासी और वर्तमान में दुबई में रह रहे आकिब खान, बिजनौर के मैजुल के साथ एके-47 (AK-47) राइफल और हैंड ग्रेनेड के साथ नजर आ रहा था। आतंकवाद के इस खुले खतरे को देखते हुए नांगल सोती थाने की पुलिस सक्रिय हुई और आकिब से संपर्क किया गया।
यह भी पढ़ें : सोमवार व्रत कथा का रोचक प्रसंग, जाने शिव का ये चमत्कार
यहां से शुरू हुई आकिब की ‘शातिराना’ चाल। दुबई में बैठे आकिब ने पुलिस के सामने वीडियो कॉल पर पेश आते हुए बेझिझक दावा किया कि जिस हथियार को वह दिखा रहा है, वह सिर्फ एक प्लास्टिक का खिलौना है और हैंड ग्रेनेड कोई और नहीं, बल्कि ‘परफ्यूम की बोतल’ है।
सबसे बड़ी लापरवाही तब हुई, जब तत्कालीन थानाध्यक्ष (SHO) सत्येंद्र मलिक ने आकिब के इस हास्यास्पद दावे पर आंखें मूंद लीं। उन्होंने न तो इस बात की जांच की कि क्या दुबई में बैठा शख्स असली हथियार रख सकता है, और न ही वीडियो को फॉरेंसिक लैब भेजा। बस आनन-फानन में पुलिस ने आकिब और मैजुल दोनों को दोषमुक्त करते हुए मामले में ‘फाइनल रिपोर्ट’ (क्लोजर रिपोर्ट) लगा दी।
एटीएस की पूछताछ में खुला ‘काला सच’
पुलिस की इस कथित ‘सफलता’ का असली सच तब सामने आया, जब उत्तर प्रदेश एटीएस ने लखनऊ से एक संदिग्ध आतंकी साकिब को गिरफ्तार किया। एटीएस की कड़ाई से पूछताछ में साकिब ने जो राज उगला, वह बिजनौर पुलिस के लिए झटके के समान था।
साकिब ने कबूल किया कि उसका मास्टरमाइंड (Handler) और आईएसआई (ISI) का एजेंट कोई और नहीं, बल्कि दुबई में बैठा आकिब खान खुद है। एटीएस की इस रिपोर्ट ने साबित कर दिया कि वीडियो में दिखाए गए हथियार बिल्कुल असली थे और यह कोई मामूली वीडियो नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क की साजिश का हिस्सा था।
यह भी पढ़ें :जानें भगवान विष्णु ने कच्छप का रूप लेने के असली कारण
एटीएस की इस चौंकाने वाली रिपोर्ट और राष्ट्रीय सुरक्षा में किए गए इस बड़े गलती के बाद बिजनौर के एसपी अभिषेक झा ने कड़ा रुख अपनाया।
- तत्कालीन इंस्पेक्टर सत्येंद्र मलिक: बिना जांच के मामले को रफा-दफा करने की बड़ी लापरवाही बरतने के चलते उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspended) कर दिया गया है।
- सीओ नितेश प्रताप सिंह (नजीबाबाद): संवेदनशील मामले में निगरानी न करने के चलते उन्हें उनके पद से हटा दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच (Departmental Inquiry) के आदेश जारी किए गए हैं।




















