UP News: यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री और किसानों के मसीहा के रूप में विख्यात भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि चौधरी साहब का जीवन केवल राजनीति तक सीमित नहीं था, बल्कि वह जमीनी सच्चाई से जुड़ा एक क्रांतिकारी आंदोलन था, जिसने देश के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने का काम किया।
किसान हितैषी को याद करते हुए सीएम योगी की श्रद्धांजलि
सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में कहा कि किसानों के मसीहा भारत रत्न चौधरी चरण सिंह जी की आज पुण्यतिथि है। इस अवसर पर चौधरी साहब की स्मृतियों को नमन करते हुए पूरे प्रदेशवासियों की ओर से मैं उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।” सीएम योगी ने उन्हें ‘भारत रत्न’ संबोधित करते हुए उनके योगदान को देश के इतिहास में अमिट बताया।
जन्म और प्रारंभिक जीवन: उत्तर प्रदेश की मिट्टी का लाल
सीएम योगी ने अपने संबोधन में चौधरी चरण सिंह के जन्म और उनकी विरासत पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि चौधरी चरण सिंह का जन्म इसी उत्तर प्रदेश की धरती पर 23 दिसंबर 1902 को हुआ था। वह मूल रूप से एक किसान परिवार से आते थे और उनका संपूर्ण जीवन किसानों के उत्थान के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि चौधरी जी का जीवन उत्तर प्रदेश की कृषि प्रधान संस्कृति का प्रतीक है।
स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान
सीएम योगी ने याद दिलाया कि चौधरी चरण सिंह केवल किसान नेता ही नहीं थे, बल्कि वे देश के स्वाधीनता आंदोलन के सक्रिय सेनानी भी रहे। वे देश की आजादी की लड़ाई में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आजादी के बाद भी उन्होंने आजादी के अर्थ को सच्चाई में साकार करने के लिए काम किया, खासकर उस हिस्से के लिए जो देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है—यानी हमारे किसान।
कृषि और राजस्व सुधारों के शिल्पकार
अपने संदेश में सीएम योगी ने चौधरी चरण सिंह की प्रशासनिक दूरदृष्टि की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश में कृषि और राजस्व के क्षेत्र में तमाम प्रकार के रिफॉर्म करने का श्रेय चौधरी जी को जाता है।” चौधरी चरण सिंह को जमींदारी प्रथा के उन्मूलन और भूमि सुधारों के लिए जाना जाता है। वह चाहते थे कि खेतीहर मजदूर और छोटे किसानों को भूमि का अधिकार मिले ताकि वे आर्थिक रूप से मजबूत हो सकें। उनके द्वारा लाए गए कानूनों ने देश के कृषि क्षेत्र को एक नई दिशा दी।
किसानों के मसीहा की विरासत
सीएम योगी ने कहा कि ये देश के किसानों के मसीहा थे और उनका स्पष्ट कहना था देश के विकास का रास्ता गांव के खेत से होकर जाता है। यह कथन आज भी प्रासंगिक है। चौधरी साहब मानते थे कि जब तक गांव का अंतिम पायदान, यानी किसान खुशहाल नहीं होगा, तब तक शहरों और उद्योगों का विकास टिकावट नहीं रख सकता। उनकी नीतियां हमेशा किसानों के हित में थीं, चाहे वह फसलों का उचित मूल्य दिलाना हो या कर्ज माफी की मांग।
विकास के एजेंडे में किसान: सीएम का संकल्प
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चौधरी चरण सिंह के सपनों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि इसलिए विकास के एजेंडे में किसान होना चाहिए। किसान सरकार की प्राथमिकता में होना चाहिए। उन्हें ध्यान में रखकर शासन की योजनाएं तैयार होनी चाहिए।
सीएम योगी ने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार इसी भावना के साथ काम कर रही है। किसानों की आय दोगुनी करना, उन्हें सिंचाई की सुविधाएं उपलब्ध कराना, फसल बीमा योजनाएं और आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ना इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी सरकार तब तक सफल नहीं हो सकती जब तक वह अपने अन्नदाताओं का कल्याण नहीं सोचती।
समाज और देश के लिए अमूल्य योगदान
अपने वक्तव्य के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “उन्होंने देश और समाज के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया था।” चौधरी चरण सिंह एक ऐसे नेता थे जिन्होंने राजनीति को जनसेवा का माध्यम बनाया। उनकी ईमानदारी, सरलता और किसानों के प्रति समर्पण आज भी नेताओं के लिए प्रेरणास्पद है। भारत रत्न से सम्मानित होना उनके इसी समर्पण को सामने आता है।





















