उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जन्माष्टमी के पावन पर्व से ठीक पहले मथुरा पहुंचकर ब्रज क्षेत्र को बड़ी विकास सौगात दी है। मुख्यमंत्री योगी ने यहां 1,051 करोड़ रुपये की कुल 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने जहां एक ओर विकास कार्यों की जानकारी दी, वहीं दूसरी ओर देश की सांस्कृतिक विरासत, सनातन परंपरा और इतिहास को लेकर एक गहरा सियासी संदेश भी दिया, जिस पर राजनीतिक गलियारे में चर्चा तेज हो गई है।
“विकास को सिर्फ बिजली-पानी से परिभाषित किया गया”
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि लंबे समय तक विकास की परिभाषा को बहुत संकीर्ण दायरे में रखा गया। उन्होंने कहा कि विकास को केवल बिजली, पानी और चश्मों तक सीमित कर देखा गया, जबकि इसके साथ हमारी सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली इतिहास की उपेक्षा की गई। सीएम ने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर विरासत का अपमान किया गया और विदेशी आक्रांताओं ने समय-समय पर इस विरासत को नष्ट करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने तो इस बर्बादी की सीमा को भी पार कर दिया।
“देश ने कई आक्रमण झेले, पर सनातन की परंपरा कभी टूटी नहीं”
मथुरा की धरती से मुख्यमंत्री योगी ने इतिहास के पन्नों को पलटते हुए कहा कि भारत का इतिहास सनातन की निरंतरता का इतिहास है। उन्होंने कहा कि इस देश पर अनगिनत विदेशी आक्रमण हुए, लेकिन किसी आक्रांता की शक्ति हमारी स्मृतियों, परंपराओं और आस्था को मिटाने में सफल नहीं हो सकी। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि ने भी कई आक्रमण झेले हैं, लेकिन यहां की भक्ति और आस्था की धारा आज भी जीवंत है। उन्होंने इसे ही सनातन की शक्ति और ब्रज की असली पहचान बताया।
काशी और अयोध्या का दिया उदाहरण
अपनी बात को और स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने काशी और अयोध्या का उदाहरण पेश किया। उन्होंने कहा कि काशी में विश्वनाथ मंदिर को औरंगजेब के शासनकाल में ध्वस्त कर दिया गया था, लेकिन वहां की परंपरा और आस्था कभी समाप्त नहीं हुई। आज श्री काशी विश्वनाथ धाम अपनी भव्यता और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए जाना जाता है।
इसी तरह अयोध्या का हवाला देते हुए सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या में राम जन्मभूमि पर मंदिर को तोड़कर मस्जिद का ढांचा खड़ा किया गया, लेकिन सनातन की भावना और आस्था की लड़ी कभी टूटी नहीं। उन्होंने कहा कि संघर्ष और त्याग की लंबी परंपरा के बाद आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण पूरा हो चुका है और प्रभु श्रीराम अपने भव्य भवन में विराजमान हैं।

संतों और क्रांतिकारियों को किया याद
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भारत को समझने के लिए उन पूज्य संतों, महात्माओं और क्रांतिकारियों के जीवन व योगदान को पढ़ना और समझना जरूरी है, जिन्होंने कठिन से कठिन परिस्थितियों में इस सनातन परंपरा को जीवित रखा। उन्होंने कहा कि कोई भी प्रदेश अपनी स्मृतियों, संस्कृति और जड़ों से ही विश्व में पहचान बनाता है। जब हम अपनी विरासत की बात करते हैं, तो इतिहास को सही दृष्टि से देखना आवश्यक हो जाता है।
“2017 से पहले उत्सवों की कल्पना भी कठिन थी”
मुख्यमंत्री योगी ने 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय प्रदेश में अराजकता, दंगे और उपद्रव का माहौल व्याप्त था, जिसमें उत्सवों की कल्पना करना तक कठिन था। उन्होंने दावा किया कि 2017 के बाद कानून-व्यवस्था में आए सुधार के कारण आज ब्रज में लाखों श्रद्धालु सुरक्षा और श्रद्धा के साथ जन्माष्टमी का पर्व मनाते हैं।
जन्माष्टमी से पहले मथुरा दौरा, बढ़ी सियासी चर्चा
जन्माष्टमी से ठीक पहले मथुरा के दौरे और विरासत पर दिए गए बयानों को राजनीतिक पंडित संयोग से ज्यादा नहीं मान रहे हैं। मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह को लेकर चल रहा मामला और काशी-अयोध्या के संदर्भ में दिए गए संदेश को देश की राजनीति में गहरा मायना रखता है। ब्रज क्षेत्र की जनता के बीच विकास की बड़ी घोषणाओं के साथ सांस्कृतिक मुद्दों को उठाना सीएम योगी की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
























