अयोध्या में 2 सितंबर को खुलेगा राज, राम मंदिर के सीईओ का ऐलान

सीईओ के चयन के लिए गठित सर्च कमेटी की अहम बैठक राम मंदिर परिसर में हुई। बैठक की अध्यक्षता कर रहे सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली ने बैठक के बाद अपनी रिपोर्ट ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी महाराज को सौंप दी।

राम मंदिर के पहले सीईओ का ऐलान इस दिन, तीन नाम शॉर्टलिस्ट

HIGHLIGHTS

  • मंदिर नहीं कॉर्पोरेट अंदाज! अब सीईओ संभालेंगे रामलला का दरबार
  • चंपत राय के इस्तीफे के बाद राम मंदिर को मिलेगा सीईओ
  • जस्टिस कोहली ने सौंपी रिपोर्ट, कौन संभालेगा राम मंदिर की कमान?
  • एक कुर्सी, तीन दावेदार: कौन बनेगा राम मंदिर का सीईओ?

अयोध्या में रामलला के भव्य मंदिर के प्रशासनिक ढांचे को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के चयन की प्रक्रिया अब अपने अंतिम दौर में पहुंच चुकी है। इस काम के लिए गठित सर्च कमेटी ने तीन उम्मीदवारों की सूची ट्रस्ट के हवाले कर दी है। माना जा रहा है कि ट्रस्ट की अगली बैठक में इन तीनों नामों पर मंथन के बाद फाइनल चेहरे की आधिकारिक घोषणा की जा सकती है।

सर्च कमेटी ने सौंपी रिपोर्ट

सीईओ के चयन के लिए गठित सर्च कमेटी की अहम बैठक राम मंदिर परिसर में हुई। बैठक की अध्यक्षता कर रहे सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली ने बैठक के बाद अपनी रिपोर्ट ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी महाराज को सौंप दी। बताया जा रहा है कि इस रिपोर्ट में सीईओ के पद के लिए तीन नामों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, इस वक्त इन नामों को गोपम रखा गया है और ट्रस्ट की ओर से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद ही उम्मीदवारों के नाम सार्वजनिक हो पाएंगे।

सर्च कमेटी में किनकी थी सहभागिता?

सीईओ के चयन के लिए बनाई गई समिति में तीन प्रमुख हस्तियों को जगह दी गई थी, जिनमें न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली सेवानिवृत्त न्यायाधीश और सर्च कमेटी के अध्यक्ष, लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी सेवानिवृत्त, सुरेश हावड़े विशेषज्ञ सदस्य शामिल हैं।

इन तीनों की सहमति से तैयार हुई रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप दी गई है। अब ट्रस्ट जल्द ही मंदिर के इतिहास में पहली बार सीईओ की भूमिका निभाने वाले व्यक्ति के चयन पर मुहर लगाएगा।

2 सितंबर की बैठक

बता दें कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक बुधवार यानी 2 सितंबर को दोपहर 2 बजे से शुरू होने की संभावना है। इस बैठक में कई बड़े फैसलों की उम्मीद है। सीईओ का ऐलान शॉर्टलिस्ट किए गए तीन नामों में से एक को चुनकर ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी की घोषणा की जा सकती है।

सचिव की नियुक्ति इसी बैठक में ट्रस्ट के सचिव पद पर भी आधिकारिक घोषणा हो सकती है। नए सदस्य का चयन अनिल मिश्रा के इस्तीफे से खाली हुए सदस्य पद पर भी बुधवार को नई नियुक्ति की जा सकती है।

ट्रस्ट के तीन बड़े पद रिक्त

यह पूरी प्रक्रिया इसलिए भी अहम हो गई है क्योंकि ट्रस्ट के कई बड़े पद इस समय खाली पड़े हैं। चढ़ावा चोरी के मामले के बाद राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद महासचिव की कुर्सी रिक्त हो गई थी। इसके बाद अनिल मिश्रा ने भी सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया। इसी के साथ हाल ही में ट्रस्ट के सदस्य विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के निधन से सदस्य की एक और कुर्सी खाली हो गई। ऐसे में ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे को नई ताकत देना सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गया है और सीईओ की नियुक्ति को इसी दिशा में उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है।

पहली बार मिलेगा राम मंदिर को सीईओ

दुनिया के दिग्गज मंदिरों की तरह राम मंदिर के रोजाना के प्रशासन के लिए भी पेशेवर व्यवस्था की मांग लंबे समय से उठती आ रही थी। सीईओ के पद का सृजन इसी उद्देश्य से किया गया है। इस पद पर तैनात अधिकारी ट्रस्ट के दैनिक कामकाज, चढ़ावा प्रबंधन, सुरक्षा इंतजाम, निर्माण एवं विकास कार्यों के समन्वय और लाखों श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े मामलों की देखरेख करेगा। आने वाले समय में जैसे-जैसे मंदिर परिसर का विस्तार होगा और कामकाज बढ़ेगा, सीईओ की भूमिका और भी निर्णायक होती जाएगी।

प्राण प्रतिष्ठा के बाद बढ़ा कामकाज

यहां यह भी जान लेना जरूरी है कि सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद केंद्र सरकार ने फरवरी 2020 में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन किया था। इसी ट्रस्ट की देखरेख में अयोध्या में रामलला के भव्य मंदिर का निर्माण चल रहा है। 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से यहां श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इतने बड़े पैमाने पर आ रही भीड़ और मंदिर का बढ़ता कामकाज देखते हुए अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी की नियुक्ति की मांग तेज हो गई थी।

अब सारी निगाहें बुधवार को होने वाली ट्रस्ट की बैठक पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद राम मंदिर ट्रस्ट का प्रशासनिक ढांचा पूरी तरह नई शक्ल ले लेगा। सीईओ, सचिव और नए सदस्य की नियुक्ति के साथ ही ट्रस्ट अपने कामकाज को ज्यादा पारदर्शी तरीके से संचालित कर सकेगा। चढ़ावा प्रबंधन और मंदिर प्रशासन से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर भी नई नियुक्तियों से बड़ी उम्मीदें बंधी हैं।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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