उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें राज्य और केंद्र के शीर्ष नेतृत्व ने मिलकर प्रदेश के विकास की नई दिशा तय की। इस अवसर पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संयुक्त रूप से 101 करोड़ रुपये की 12 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इसके साथ ही, उन्होंने राष्ट्रप्रेरणा स्थल के पास चौराहे पर स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानी अवंती बाई लोधी की प्रतिमा का अनावरण किया, जो प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और स्वतंत्रता संग्राम के वीरों को श्रद्धांजलि देने का प्रतीक है।
विकास योजनाओं का शुभारंभ
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के विकास में तेजी लाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इन 12 नई परियोजनाओं से न केवल शहर का इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा, बल्कि जनसुविधाओं में भी सुधार होगा। इन परियोजनाओं में सड़क मार्ग, स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा संस्थान और पार्क का विकास शामिल है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य लखनऊ को एक स्मार्ट और सुसज्जित शहर बनाना है, ताकि यहां के रहवासियों को बेहतर जीवन स्तर मिल सके।
अमर स्वतंत्रता सेनानी अवंती बाई लोधी
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण अवंती बाई लोधी की प्रतिमा का अनावरण था। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में अपने अदम्य साहस और बलिदान का परिचायक प्रस्तुत किया। आवंती बाई लोधी का जीवन महिलाओं के साहस, स्वाभिमान और देशभक्ति का प्रतीक है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हमें वीर स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति सदैव कृतज्ञता का भाव रखना चाहिए और उनकी स्मृति को जीवित रखना चाहिए। लोधी की प्रतिमा के माध्यम से युवाओं में देशभक्ति की भावना जगाने का भी प्रयास किया जाएगा।
सीएम योगी का सपा पर कड़ा प्रहार
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि सपा पार्टी का इतिहास दंगों और अराजकता का रहा है। उन्होंने बिना नाम लिए ही सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को कठघरे में खड़ा किया। योगी ने कहा कि ये लोग दंगों के बादशाह हैं, जिनकी पहचान कर्फ्यू और लूटखसोट से है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के गुंडे खाली जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं और प्रदेश के संसाधनों को लूटने में लगे हैं। योगी ने कहा, “ये लोग फिर से समाज को बांटने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन भाजपा सरकार इस तरह की राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करेगी।”
स्मारक और परियोजनाओं का उल्लेख
सीएम योगी ने सपा के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सपा सरकार ने बाबूजी कल्याण सिंह के निधन पर एक स्मारक तक नहीं बनवाया, जबकि भाजपा की सरकार ने भारतीय लोकतंत्र के महान नेताओं के नाम पर स्मारक और परियोजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने बताया कि जय प्रकाश नारायण के नाम पर 200 करोड़ रुपये की योजना शुरू की गई, जिस पर अब तक करीब 864 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। बावजूद इसके, वह अधूरी रह गई है। योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने इस परियोजना पर कब्जा करने की कोशिश की, लेकिन भाजपा सरकार ने इसे रोक दिया है।
माफिया मुक्त नीति का समर्थन
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा की सरकार माफिया और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाए हुए है। उन्होंने कहा कि हमारी नीति माफिया को मिट्टी में मिलाने की है और उत्तर प्रदेश की जनता का पैसा भ्रष्टाचारियों की गुलाम बनाने वालों से निपटने के लिए है। उन्होंने यह भी कहा कि यह पैसा सैफई सिंडिकेट का नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता का है। इस संदर्भ में योगी ने कहा कि हमारी सरकार कानून और व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ विकास के कार्यों में भी तेजी लाने का काम कर रही है।
विविध परियोजनाओं का शुभारंभ
सीएम योगी ने बताया कि लखनऊ में पीएसी वाहिनी का नाम वीरांगना ऊदा देवी पासी के नाम पर रखा गया है। इसके अलावा, वीरांगना झलकारी बाई कोरी और अवंती बाई लोधी के नाम पर भी वाहिनियों का नामकरण किया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार जल्द ही 50,000 स्कूटी बेटियों को प्रदान करने की योजना भी शुरू कर रही है, जिसमें वे महारानी लक्ष्मीबाई के नाम पर होंगी। इससे न केवल युवाओं में स्वाभिमान का संचार होगा, बल्कि महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिलेगा।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की प्रशंसा
कार्यक्रम में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री योगी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि लखनऊ का तेज़ी से विकास योगी आदित्यनाथ की नेतृत्व क्षमता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि जब भी प्रदेश के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से विकास कार्यों के बारे में बात की, तो उन्होंने तुरंत सहायता प्रदान की। सिंह ने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर प्रदेश के विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब केंद्र और राज्य का दृष्टिकोण एक रहता है, तो विकास की गति स्वाभाविक रूप से कई गुना बढ़ जाती है।

























