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चिराग त्यागी हत्याकांड: पैरा एथलीट की हत्या का सच आया सामने

Para-Athlete Chirag Tyagi Murder: मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इस दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग मिला, जिसके आधार पर उसने एक संदिग्ध को हिरासत में ले लिया।

डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन विवाद बना मौत की वजह, चिराग त्यागी की हत्या

HIGHLIGHTS

  • खेल जगत को झकझोर देने वाली वारदात
  • साई उपवन में मिला पैरा खिलाड़ी का शव
  • राष्ट्रीय खिलाड़ी की हत्या से मचा हड़कंप
  • पैरा एथलीट चिराग त्यागी को क्यों मारा गया?
  • पुलिस ने बताया हत्या का असली कारण

Para-Athlete Chirag Tyagi Murder: दिल्ली एनसीआर गाजियाबाद में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे देश के खेल जगत को हिला कर रख दिया है। राष्ट्रीय स्तर के पैरा-एथलीट और गोल्ड मेडलिस्ट चिराग त्यागी की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह वारदात न केवल इसलिए दुखद है क्योंकि एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी का असमय निधन हुआ है, बल्कि इसके पीछे का कारण भी बेहद चौंकाने वाला है। हत्या का आरोपी कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि खुद उनका साथी खिलाड़ी और दोस्त निकला। पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया है कि आपसी रंजिश और पेशेवर ईर्ष्या ने इतना भयानक रूप ले लिया कि एक खिलाड़ी ने दूसरे खिलाड़ी की जान ले ली।

घटना का विस्तृत विवरण

यह पूरा मामला गाजियाबाद के कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ‘साई उपवन’ (SAI Upvan) का है। 24 वर्षीय चिराग त्यागी, जो कि एक नेशनल पैरा-एथलीट थे, का शव यहीं पर मिला। चिराग दृष्टिहीन (ब्लाइंड) श्रेणी के एथलीट थे और देश के लिए कई पदक जीत चुके थे। उनकी मौत की खबर ने पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।

पुलिस के अनुसार, चिराग उस दिन सुबह अपने दिल्ली स्थित हॉस्टल से अपने पैतृक गांव, मुरादनगर के बसंतपुर सैतली जाने के लिए निकला था। उनका परिवार उनका इंतजार कर रहा था, लेकिन किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि वह घर नहीं, बल्कि सीधे मुर्दाघर पहुंचेंगे। जब उनका शव साई उपवन में बरामद हुआ, तो उनकी पीठ पर एक गोली का छेद पाया गया। हालांकि, शुरुआती जांच में भ्रम की स्थिति थी कि क्या यह गोली लगने का निशान है या किसी अन्य धारदार वस्तु का। लेकिन जल्द ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच ने सच सामने ला दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया, जहां से हत्या की पुष्टि हुई।

पुलिस की सक्रियता और आरोपी की गिरफ्तारी

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इस दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग मिला, जिसके आधार पर उसने एक संदिग्ध को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। आरोपी का नाम यश खटीक है, जो खुद भी एक पैरा-एथलीट है।

इस मामले पर गाजियाबाद के पुलिस उपायुक्त (DCP) धवल जायसवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह वारदात किसी लूटपाट या आकस्मिक झगड़े का नतीजा नहीं है, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। पुलिस ने बताया कि आरोपी यश खटीक और मृतक चिराग त्यागी एक-दूसरे को काफी समय से जानते थे। दोनों साथ में अभ्यास करते थे और दोनों ही ‘दृष्टिहीन’ (ब्लाइंड) श्रेणी के तहत एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते थे। दोस्ती की आड़ में पल रही रंजिश एक दिन इतनी भयावह हो गई कि यश ने चिराग की जान ले ली।

हत्या का चौंकाने वाला कारण

पुलिस पूछताछ में सामने आई बातें किसी को भी यकीन नहीं होगी। खेलों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभागियों को अपनी योग्यता साबित करनी होती है और इसके लिए दस्तावेज सत्यापन (डॉक्यूमेंट वैरिफिकेशन) एक अहम प्रक्रिया है। पुलिस ने बताया कि चिराग त्यागी ने कुछ समय पहले यश खटीक के खिलाफ डॉक्यूमेंट वैरिफिकेशन में गड़बड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। चिराग ने यह शिकायत ईमानदारी और खेल भावना के तहत की होगी, लेकिन इसका नतीजा यह हुआ कि यश खटीक का क्वालिफिकेशन रद्द कर दिया गया।

इस बात से यश खटीक काफी नाराज और आक्रोशित था। उसे लगता था कि चिराग ने जानबूझकर उसका करियर बर्बाद किया है। इसी बदले की भावना से विचलित होकर यश ने चिराग की हत्या की साजिश रची। उसने एक पिस्तौल का इंतजाम किया और जब चिराग अकेले थे, तब उन पर हमला कर दिया। उसने पीछे से चिराग की पीठ पर गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। यश ने पुलिस को बताया कि वह उस शिकायत से काफी समय से खफा था और बदला लेना ही उसका मकसद था।

परिवार पर टूटा दुख का पहाड़

चिराग त्यागी की मौत की खबर जैसे ही उनके परिवार को पहुंची, तो घर में कोहराम मच गया। एक युवा जिसने देश का नाम रोशन किया, उसके अस्तित्व का सफाया हो जाना परिवार के लिए बर्दाश्त से बाहर था। मृतक चिराग त्यागी के चचेरे भाई आशीष त्यागी ने अपने दर्द का बयान देते हुए बताया कि उन्हें पुलिस का एक फोन आया था।

आशीष ने कहा कि पुलिस ने फोन कर कहा कि उन्हें यह नंबर मिला है और उन्होंने मुझसे पूछा कि मैं कौन हूं। मैंने उन्हें बताया कि यह मेरे भाई का नंबर है। इसके बाद पुलिस ने कहा कि कृपया MMC (मेडिकल कॉलेज) आ जाइए, उन्हें चोट लगी है।’ हमें लगा कि हादसा हुआ होगा, लेकिन जब मैं MMC पहुंचा, तो वहां का दृश्य देखकर सन्न रह गया। मुझे तुरंत पता चल गया कि उनकी पहले ही मौत हो चुकी है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्हें न्याय की आस है।

आगे की जांच और कार्रवाई

पुलिस ने आरोपी यश खटीक को गिरफ्तार कर लिया है और उससे गहनता से पूछताछ की जा रही है। आरोपी ने हत्या में प्रयुक्त पिस्तौल के बारे में जानकारी दी है, जिसे बरामद करने के लिए पुलिस टीमें अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस घटना में कोई और व्यक्ति शामिल था या यश ने अकेले ही यह वारदात को अंजाम दिया है।

इस मामले ने खेल जगत की एक और करुण तस्वीर पेश की है, जहां प्रतिद्वंद्विता की हदें पार करके जीवन तक ले ली जाती है। दोनों ही खिलाड़ी दिव्यांग थे और समाज के लिए प्रेरणा थे, लेकिन इतनी बड़ी प्रतिभा का दुरुपयोग करके एक दूसरे को नुकसान पहुंचाना दुखद है। पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके और दोषी को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके। चिराग के परिवारवालों को इंसाफ दिलाना अब पुलिस की पहली प्राथमिकता बन गई है।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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